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Dhanteras 2026 date

धनतेरस 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और खरीदारी का सही समय

दीपावली की तैयारियों के बीच कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि धनतेरस का पावन पर्व लेकर आती है। यह दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की आराधना को समर्पित है।

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rama ekadashi 2026 date

रमा एकादशी 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और दान का महत्व

रमा एकादशी पापों का नाश करने वाली और पुण्य प्रदान करने वाली एकादशी कहा गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, हरि नाम का स्मरण, व्रत, दान और सेवा का विशेष महत्व माना जाता है।

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Diwali 2026

दिवाली 2026: जानें दीपावली तिथि, लक्ष्मी-गणेश पूजन का शुभ मुहूर्त और आध्यात्मिक महत्व

सनातन धर्म में दीपावली का पर्व जीवन को प्रकाशमय बनाने का संदेश देने वाला त्यौहार है। यह पावन उत्सव अंधकार से प्रकाश, अज्ञान से ज्ञान और नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

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नारायण सेवा संस्थान स्थापना दिवस

नारायण सेवा संस्थान स्थापना दिवस: 41 वर्षों की सेवा यात्रा, जहां नर सेवा ही नारायण सेवा है

नारायण सेवा संस्थान का मूल मंत्र है, “नर सेवा ही नारायण सेवा”। यही विचार संस्थान की प्रत्येक सेवा प्रकल्प के केंद्र में है। संस्थान का प्रयास है कि शारीरिक या आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे लोगों को केवल उपचार ही नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर भी मिले।

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sharad Purnima 2026

शरद पूर्णिमा 2026: तिथि, पूजा विधि और खीर का महत्व

आश्विन मास की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, अपने धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व के कारण विशेष स्थान रखती है। यह भगवान श्री कृष्ण की दिव्य रास लीला और माता लक्ष्मी की पूजा से जुड़ी हुई है।

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दशहरा

दशहरा 2026: जानें विजयादशमी का धार्मिक महत्व, शस्त्र पूजा और रावण दहन का समय

हिंदू पंचांग के अनुसार, दशहरा या विजयादशमी का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करने के बाद दसवें दिन विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की विजय और माँ दुर्गा की शक्ति का विशेष स्मरण किया जाता है।

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Papankush

पापांकुशा एकादशी 2026: भगवान विष्णु की भक्ति, व्रत और दान से जीवन में जगाएं पुण्य का प्रकाश

पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, नामस्मरण, कथा-श्रवण, जागरण और दान-पुण्य की परंपरा रही है। यह दिन स्वयं के भीतर भक्ति और सात्विकता का दीप प्रज्वलित करने का अवसर है।

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shardiya navratri 2026

शारदीय नवरात्रि 2026: कब है अष्टमी और महानवमी? जानें नौ दिनों के शुभ रंग, पूजा विधि और सेवा का महत्व

शारदीय नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा की आराधना, शक्ति की उपासना और जीवन में सद्भाव का संकल्प लेने का पावन अवसर है। इन नौ दिनों में भक्त माँ जगदम्बा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं

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navratri 2026

नवरात्रि 2026 : घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और माँ दुर्गा की आराधना का महत्व

शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ होगी और 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ इसका समापन होगा। भक्तजन इन दिनों माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए व्रत, पूजन, जप, पाठ, हवन और सेवा के माध्यम से जीवन को सात्विक बनाने का प्रयास करते हैं।

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Sarva Pitru Amavasya

सर्व पितृ अमावस्या 2026: किस दिन समाप्त होगा श्राद्ध पक्ष, जानें तिथि, पूजा विधि और दान का महत्व

पितृ पक्ष की अंतिम तिथि को सर्व पितृ अमावस्या कहा जाता है। यह अमावस्या उन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के स्मरण के लिए विशेष मानी जाती है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात न हो अथवा किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर उनका श्राद्ध न हो पाया हो।

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indira ekadashi 2026

इंदिरा एकादशी 2026: जानें तिथि, व्रत की विधि और धार्मिक महत्व

आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी भी ऐसी ही पुण्यदायिनी तिथि है। पितृ पक्ष के समय आने के कारण इस दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ श्रद्धा और सत्कर्म का विशेष भाव जुड़ा रहता है।

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Shradh

श्राद्ध पितृ पक्ष 2026: तिथि, तर्पण विधि, नियम, दान का महत्व और श्राद्ध की परंपराएं

इस भवसागर से मुक्त हो चुके पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध पक्ष में जो विधिपूर्वक श्रद्धायुक्त होकर तर्पण, दान आदि किया जाता है उसे श्राद्ध कहा जाता है। इसे महालय और पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है।

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