भगवान नरसिंह का यह रूप शक्ति, साहस, धर्म की रक्षा और भक्तों के संरक्षण का प्रतीक माना जाता है।
सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र, पुण्यदायी और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व वाली तिथि माना गया है। यह दिन धर्म, तप, साधना, स्नान, दान और ईश्वर आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है, किंतु वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी और कल्याणकारी माना गया है। यह दिन आत्मशुद्धि, भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और दान-पुण्य के माध्यम से जीवन को पवित्र बनाने का दिव्य अवसर है।
अक्षय तृतीया, जिसे आखा तीज भी कहते हैं, वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है और इस दिन किए गए दान, जप, तप एवं शुभ कार्य अक्षय (अनंत) फल देते हैं। 19 अप्रैल 2026 को पड़ने वाला यह अबूझ मुहूर्त पर्व परशुराम जयंती, गंगा अवतरण, अक्षय पात्र कथा से जुड़ा है, जहाँ सोना खरीदना, लक्ष्मीनारायण-कुबेर पूजा और दान से जीवन में सुख-समृद्धि अक्षय बनी रहती है।
भगवान परशुराम को श्रीहरि विष्णु का छठा अवतार माना जाता है, जिन्होंने पृथ्वी पर बढ़ते अधर्म, अन्याय और दुष्ट शक्तियों के विनाश के लिए अवतार धारण किया था।
भगवान श्रीहरि विष्णु के प्रिय वैशाख मास में आने वाली अमावस्या तिथि का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। यह दिन स्नान, तर्पण, पूजा-पाठ और दान के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।
सनातन धर्म में प्रत्येक संक्रांति का अपना विशेष आध्यात्मिक महत्व होता है, लेकिन मेष संक्रांति को अत्यंत पुण्यदायी और शुभ माना गया है।
वैशाख महीने के कृष्ण पक्ष में आने वाली वरूथिनी एकादशी के बारे में माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने, भगवान विष्णु की भक्ति करने और दान-पुण्य करने से जन्मों-जन्मों के पाप धुल जाते हैं।
श्रीराम केवल एक नाम नहीं, बल्कि धर्म और सत्य का साक्षात स्वरूप हैं। ‘रामो विग्रहवान् धर्मः’ के आदर्श को चरितार्थ करने वाले प्रभु राम के ये 10 श्लोक हमें कठिन समय में धैर्य, साहस और सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। आइए, उनके गुणों का चिंतन करें और जीवन को सार्थक बनाएं।
चैत्र पूर्णिमा के पावन अवसर पर मनाए जाने वाले हनुमान जन्मोत्सव की तिथि, पूजा अनुष्ठान और आध्यात्मिक महत्व का विस्तृत विवरण। जानिए कैसे पवनपुत्र की भक्ति और सेवा भाव हमें जीवन में सफलता और शांति की ओर ले जाते हैं।
चैत्र पूर्णिमा 2026: 2 अप्रैल (गुरुवार) को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल सुबह 7:06 बजे से 2 अप्रैल सुबह 7:41 बजे तक रहेगी—इस शुभ दिन सत्यनारायण व्रत, पवित्र स्नान, विष्णु पूजन और दान से पाप मुक्ति व मनोकामना पूर्ति होती है।
कामदा एकादशी 2026 चैत्र शुक्ल पक्ष में 29 मार्च (रविवार) को मनाई जाएगी। इस व्रत से पाप नाश, मनोकामना पूर्ति और मोक्ष प्राप्ति होती है। विधि: स्नान, विष्णु पूजा, तुलसी अर्पण, भजन-कीर्तन।