इस भवसागर से मुक्त हो चुके पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध पक्ष में जो विधिपूर्वक श्रद्धायुक्त होकर तर्पण, दान आदि किया जाता है उसे श्राद्ध कहा जाता है। इसे महालय और पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है।
पंचांग के अनुसार साल 2026 में भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि का आरंभ 25 सितंबर 2026 की रात 11:06 बजे होगा और इसका समापन 26 सितंबर 2026 की रात 10:18 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान 26 सितंबर 2026 को करना शुभ रहेगा।
वर्ष 2026 में भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 10 सितंबर को प्रातः 10 बजकर 33 मिनट पर होगा और इसका समापन 11 सितंबर को सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर होगा।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इसे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। मथुरा, वृंदावन, गोकुल और द्वारका सहित देशभर के कृष्ण मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा, भजन, कीर्तन और धार्मिक आयोजन होते हैं।
सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना गया है। वर्षभर में आने वाली प्रत्येक एकादशी का अपना विशेष धार्मिक महत्व है। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है।
भारतीय संस्कृति में कुछ पर्व ऐसे हैं, जो रिश्तों की गहराई और जीवन के संस्कारों को अभिव्यक्त करते हैं। रक्षाबंधन भी ऐसा ही पावन पर्व है। श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह त्यौहार भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आपसी समर्पण का प्रतीक है। बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तो उस छोटे-से धागे में प्रेम और मंगलकामना का भाव समाहित होता है।
श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति और आराधना का महीना माना जाता है। पूरे सावन में शिवभक्त जलाभिषेक, मंत्रजाप, व्रत और पूजा के माध्यम से भोलेनाथ की आराधना करते हैं। इसी पावन मास के समापन पर आने वाली श्रावण पूर्णिमा भक्ति, आस्था, पारिवारिक प्रेम और सेवा-भाव को एक साथ जोड़ने वाला विशेष पर्व है।
भारत के कई शहरों और गांवों में, परिवार खाना छोड़ देते हैं। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। बुज़ुर्गों को अक्सर सहारे की कमी महसूस होती है। ये नज़ारे आम हैं। ये कई आम लोगों के लिए रोज़ की सच्चाई है। और सच कहूँ तो, कोई भी सरकारी स्कीम या कोई एक ऑर्गनाइज़ेशन अकेले यह सब […]
श्रावण मास स्वयं भगवान शिव और भगवान विष्णु की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन व्रत, पूजा, भगवान विष्णु का स्मरण, कथा श्रवण तथा जरूरतमंदों की सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइज़ेशन एक ग्रुप होता है जिसे किसी मकसद को सपोर्ट करने के लिए बनाया जाता है। इसका मकसद मालिकों या शेयरहोल्डर्स के लिए पैसा कमाना नहीं होता है। एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइज़ेशन प्रॉफिट के लिए काम नहीं करता है। इसके बजाय, यह जमा किया गया हर रुपया उस कम्युनिटी में वापस डालता है जिसकी […]
दो दिवसीय विवाह महाकुंभ आगामी 19 एवं 20 सितंबर 2026 को उदयपुर के लियो का गुड़ा, बड़ी स्थित संस्थान के ‘सेवा महातीर्थ’ प्रांगण में आयोजित होगा। यह आयोजन उन सैकड़ों दिव्यांग और आर्थिक रूप से वंचित युवाओं के जीवन में आशा, आत्मसम्मान और नए उजास की भोर लेकर आ रहा है|
वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण संयोग लेकर आ रहा है। यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगेगा। खास बात यह है कि यह ग्रहण हरियाली अमावस्या के अवसर पर पड़ रहा है।