ज्येष्ठ अधिक मास | दीन-हीन, असहाय दिव्यांग बच्चों को कराएं निःशुल्क भोजन
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पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर

5000

दिव्यांग बच्चों को

अपने पैरों पर चलाने का संकल्प

आपका सहयोग : एक दिव्यांग बच्चें का नया खुशहाल जीवन

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दिव्यांग एवं निर्धन बच्चों को पौष्टिक मीठा भोजन
दिव्यांग बच्चों की शल्य चिकित्सा
अंगविहीन दिव्यांग बच्चों को नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिंब

सत्कर्म का विशेष मास

पुरूषोत्तम मास को सनातन परंपरा में सेवा, साधना और सत्कर्म का विशेष मास माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार यह मास आत्मचिंतन, भक्ति और परोपकार के लिए अत्यंत शुभ और पुण्यदायी होता है। मान्यता है कि इस पावन मास में किया गया हर अच्छा कार्य कई गुना फल प्रदान करता है और जीवन में सुख-शांति तथा समृद्धि लाता है।

ऐसे दिव्य मास में दान, जप-तप, पूजा-पाठ और जरूरतमंदों की सहायता का विशेष महत्व बताया गया है। किसी भूखे को भोजन कराना, बीमार या असहाय व्यक्ति की मदद करना, या किसी के जीवन में आशा की किरण बनना—ये सभी कार्य ईश्वर की सच्ची सेवा माने जाते हैं। पुरूषोत्तम मास हमें यह अवसर देता है कि हम अपने जीवन में करुणा, दया और सेवा की भावना को और मजबूत करें।

कठोर वास्तविकता

आज भी हमारे समाज में कई दिव्यांग बच्चे ऐसे हैं जो चल नहीं पाते, जो अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाते।

जब बाकी बच्चे दौड़ते हैं, खेलते हैं... ये बच्चे सिर्फ देखते रह जाते हैं। उनकी आँखों में एक ही सवाल होता है: "क्या मैं कभी चल पाऊंगा?"
कुल योगदान INR 0

अधिक मास सेवा अभियान

एक कदम सेवा की ओर

नारायण सेवा का संकल्प

समाधान: बदलाव संभव है

यह सिर्फ इलाज नहीं… बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत है

नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिंब

नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिंब

उच्च गुणवत्ता वाले जापानी एवं जर्मन तकनीक से निर्मित 3-डी प्रिन्टेड नारायण मॉड्यूलर आर्टिफिशियल लिंब लगाकर बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें चलने की ताकत देना।

निःशुल्क माप एवं फिटमेंट/वितरण
आधुनिक तकनीक का उपयोग
ऑपरेशन सहायता

ऑपरेशन सहायता

विशेषज्ञों द्वारा सुरक्षित और नि:शुल्क ऑपरेशन करके बच्चों को सामान्य जीवन की ओर वापस लाना।

अनुभवी सर्जन द्वारा इलाज
ऑपरेशन के बाद संपूर्ण देखभाल
दिव्यांग एवं निर्धन बच्चों को पौष्टिक मीठा भोजन

दिव्यांग एवं निर्धन बच्चों को पौष्टिक मीठा भोजन

पुरूषोत्तम मास के पावन अवसर पर दिव्यांग एवं निर्धन बच्चों को पौष्टिक एवं स्वादिष्ट मीठा भोजन कराएं

निःशुल्क भोजन वितरण
सेवा के माध्यम से पुण्य अर्जन

नारायण सेवा संस्थान के सेवायज्ञ में

पुरूषोत्तम मास को सनातन परंपरा में सेवा, साधना और सत्कर्म का विशेष मास माना जाता है। इस दौरान किया गया हर अच्छा कार्य कई गुना फलदायी होता है। ऐसे पवित्र मास में, किसी जरूरतमंद की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।

39,658,326 रोगी भोजन सेवा

450,554 सुधारात्मक सर्जरी संपन्न

395,728 कैलिपर्स वितरित

38,780 कृत्रिम अंग वितरित

हमारा संकल्प

इस पुरूषोत्तम मास, 5000 दिव्यांग बच्चों को अपने पैरों पर खड़ा करना।
आपका एक छोटा सा दान किसी बच्चे की पूरी जिंदगी बदल सकता है।

1,247

संकल्प पूरे

3,753

इंतजार में
शुरुआत: 0 लक्ष्य: 5000 बच्चे
Background Hand Art
Happy child needing support

आज ही सहयोग करें

इस पुरूषोत्तम मास एक संकल्प लें:

दिव्यांग एवं निर्धन बच्चों का जीवन खुशहाल बनाने का

सच्चा पुण्य वही है जो किसी के जीवन में बदलाव लाए

483, Seva Dham, Seva Nagar, Sector 4, Hiran Magri, Udaipur – 313002 +91-294-6622222, +91-7023509999