आज के समय में कई गैर-सरकारी संगठन (NGOs) समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए दान संबंधी गतिविधियाँ संचालित कर रहे हैं। ये संस्थाएँ आर्थिक सहायता जुटाने के साथ-साथ गैर-आर्थिक सहयोग भी प्रदान करती हैं। भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में इन संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
एनजीओ की स्थानीय स्तर तक पहुँच और कार्यशैली के कारण जरूरतमंद लोगों की पहचान करना और उन्हें सहायता प्रदान करना संभव हो पाता है। यही एक प्रमुख कारण है कि भारत सरकार एनजीओ को विभिन्न प्रकार की कर छूट और प्रोत्साहन प्रदान करती है, जिनमें आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत मिलने वाली कर छूट सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।
किसी व्यक्ति, संपत्ति, आय या अन्य किसी कर योग्य वस्तु पर सरकार द्वारा लगाए गए अनिवार्य कर में कमी या उससे पूर्ण राहत को टैक्स छूट कहा जाता है। टैक्स छूट की स्थिति में कुछ करों से राहत, कम दर पर कर या कुछ आय पर आंशिक कर लागू हो सकता है।
एनजीओ को दिए गए दान पर कर छूट, संपत्ति कर या आयकर में छूट आदि इसके उदाहरण हैं।
संगठनों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि आयकर अधिनियम की धारा 12A के अंतर्गत पंजीकरण प्राप्त करना आवश्यक है, लेकिन इससे सीधे तौर पर धारा 80G की मंजूरी नहीं मिलती। धारा 80G के अंतर्गत मिलने वाली कर छूट केवल एनजीओ और इसी प्रकार की चैरिटेबल संस्थाओं पर लागू होती है। यह धार्मिक ट्रस्टों या संस्थाओं पर लागू नहीं होती।
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80G विशेष है क्योंकि यह दान देने वाले व्यक्ति को भी कर लाभ प्रदान करती है। धारा 80G के अंतर्गत किसी पंजीकृत एनजीओ को दिया गया दान, दाता की कुल कर योग्य आय की गणना करते समय कटौती के रूप में माना जाता है।
दान प्राप्त करने वाली संस्था दाता को दान की रसीद प्रदान करती है, जिसके आधार पर दाता कर कटौती का लाभ प्राप्त कर सकता है, बशर्ते संस्था धारा 80G के अंतर्गत अनुमोदित हो। इसके अतिरिक्त, दान पर कर छूट तभी लागू होती है जब एनजीओ भारत में स्थापित हो और देश के भीतर चैरिटेबल कार्यों के लिए संचालित हो रहा हो।
जब आप नारायण सेवा संस्थान द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और मानवीय परियोजनाओं में योगदान करते हैं, तो आप अपने दान पर आयकर छूट प्राप्त करने के पात्र हो सकते हैं। यह छूट तभी उपलब्ध होती है जब संस्था आयकर विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त हो तथा दानदाता को आवश्यक 80G रसीद और प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाए।
यह ध्यान रखना आवश्यक है कि आयकर अधिनियम के अंतर्गत एनजीओ और गैर-लाभकारी संस्थाओं को मिलने वाली कर छूट धारा 12A के तहत नियंत्रित होती है। हालांकि, इससे दानदाताओं को स्वतः कर कटौती का अधिकार नहीं मिलता। दानदाताओं को मिलने वाले लाभ धारा 80G के अंतर्गत आते हैं।
धारा 80G धार्मिक ट्रस्टों या धार्मिक संस्थाओं को दिए गए दान पर कर छूट प्रदान नहीं करती।
हालाँकि सरकार चैरिटेबल संस्थाओं और राहत कोषों को दिए गए दान पर कर कटौती की अनुमति देती है, लेकिन हर स्थिति में कर छूट लागू नहीं होती। भारत में कर देने वाले सभी व्यक्ति धारा 80G के अंतर्गत दान पर कर लाभ प्राप्त करने के पात्र होते हैं। इसमें व्यक्ति, फर्म, कंपनी, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) आदि शामिल हैं।
यदि आप भारतीय नागरिक हैं या भारतीय पासपोर्ट रखने वाले एनआरआई हैं तथा आपकी भारत में कर योग्य आय है, तो आप भी इस कर लाभ के पात्र हो सकते हैं।
कर छूट का दावा करने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होना आवश्यक है:
दान किसी पंजीकृत, अनुमोदित और वैध एनजीओ को दिया गया हो, जो आयकर अधिनियम की धारा 12A के अंतर्गत पंजीकृत हो।
दान की 80G रसीद उपलब्ध हो।
कुछ मामलों में संस्था का 80G प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना आवश्यक हो सकता है।
₹2000 से अधिक नकद दान पर कर लाभ उपलब्ध नहीं होता। अधिक राशि के लिए अन्य भुगतान माध्यमों का उपयोग करें।
वस्तु के रूप में दिए गए दान (दान इन काइंड) पर कर लाभ उपलब्ध नहीं होता।
भारत में सभी करदाता या वे व्यक्ति जिनकी भारत में कर योग्य आय है, धारा 80G के अंतर्गत एनजीओ को दिए गए दान पर कर कटौती का दावा कर सकते हैं।
इसमें व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), कंपनियाँ और भारतीय पासपोर्ट रखने वाले एनआरआई शामिल हैं, बशर्ते दान किसी अनुमोदित संस्था को दिया गया हो।
केवल वैध और पंजीकृत एनजीओ को दिए गए दान ही कर छूट के लिए पात्र होते हैं।
धार्मिक ट्रस्ट या धार्मिक कोष इस कर लाभ के अंतर्गत शामिल नहीं होते। दान देने से पहले संस्था की 80G और 12A पंजीकरण स्थिति अवश्य जाँच लें।
चैरिटेबल डोनेशन न केवल सामाजिक कार्यों को सहयोग प्रदान करता है, बल्कि दानदाताओं को महत्वपूर्ण टैक्स लाभ भी देता है। भारत में पात्र गैर-लाभकारी संस्थाओं और चैरिटेबल संगठनों को दिए गए दान पर आयकर अधिनियम की धारा 80G के अंतर्गत कर कटौती प्राप्त की जा सकती है।
विश्वसनीय संस्थाओं को दान देकर व्यक्ति और कंपनियाँ स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, भोजन वितरण, दिव्यांग सहायता, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में योगदान देने के साथ-साथ अपनी कर योग्य आय को भी कम कर सकते हैं।
धारा 80G के अंतर्गत कटौती: पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं को दिए गए दान पर दानदाता कर कटौती प्राप्त कर सकते हैं। संस्था और दान के प्रकार के आधार पर 50% तक की कटौती प्राप्त हो सकती है।
कर योग्य आय में कमी: कर कानूनों के अनुसार पात्र दान राशि को कर योग्य आय से घटाया जाता है, जिससे कुल कर देनदारी कम हो जाती है।
सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा: टैक्स लाभ व्यक्तियों और कंपनियों को सामाजिक कल्याण गतिविधियों में भाग लेने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
कॉर्पोरेट टैक्स लाभ: कंपनियाँ और व्यवसाय स्वीकृत एनजीओ को दान देकर कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं तथा अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) को भी पूरा कर सकते हैं।
पारदर्शी और कानूनी दान: वैध 80G प्रमाणित संस्थाओं को दान देने से पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन और दान राशि के सही उपयोग की सुनिश्चितता होती है।
यदि आप धारा 80G के अंतर्गत कर कटौती प्राप्त करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होते हैं:
दान रसीद जिसमें संस्था का नाम, पता, PAN, दान राशि और दाता का नाम हो।
100% कटौती वाले मामलों में फॉर्म 58।
आयकर विभाग द्वारा जारी संस्था का वैध पंजीकरण नंबर।
यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा आयकर अधिनियम के तहत लागू की गई है। जिसके अनुसार आप अपनी कर योग्य आय में टैक्स छूट (Tax Exemption) का दावा कर सकते हैं।