संस्थान कई दिव्यांग लोगों के जीवन को समृद्ध बनाने के लिए सामूहिक विवाह का आयोजन करते हैं और जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करते हैं।
इस भवसागर से मुक्त हो चुके पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध पक्ष में जो विधिपूर्वक श्रद्धायुक्त होकर तर्पण, दान आदि किया जाता है उसे श्राद्ध कहा जाता है। इसे महालय और पितृ पक्ष के नाम से भी जाना जाता है।
पंचांग के अनुसार साल 2026 में भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि का आरंभ 25 सितंबर 2026 की रात 11:06 बजे होगा और इसका समापन 26 सितंबर 2026 की रात 10:18 बजे होगा। उदयातिथि की मान्यता के अनुसार व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान 26 सितंबर 2026 को करना शुभ रहेगा।
वर्ष 2026 में भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 10 सितंबर को प्रातः 10 बजकर 33 मिनट पर होगा और इसका समापन 11 सितंबर को सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर होगा।