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CSR support

CSR के माध्यम से किसी का जीवन बदलें

आपका एक सहयोग दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद, आत्मनिर्भरता और सम्मान का आधार बन सकता है।

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पार्टनरशिप में आपका स्वागत है

नारायण सेवा संस्थान में आपका हार्दिक स्वागत है। नारायण सेवा संस्थान वर्ष 1985 से दीन-हीन, असहाय, दिव्यांग, निर्धन और जरूरतमंद लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सेवा कार्य कर रहा है। नि:शुल्क दिव्यांगता सुधारात्मक ऑपरेशन, कृत्रिम अंग एवं कैलिपर्स वितरण, कौशल विकास प्रशिक्षण, शिक्षा, सामूहिक विवाह और अनेक जनकल्याणकारी सेवाओं के माध्यम से संस्थान हजारों परिवारों के जीवन में खुशियाँ और आत्मविश्वास लौटा रहा है।

संस्थान आपको इस सेवा यज्ञ का सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करता है। आपके CSR सहयोग से अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक उपचार, पुनर्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की नई राह पहुँचाई जा सकती है। आइए, मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करें जहाँ कोई भी व्यक्ति केवल संसाधनों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे।

CSR

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) क्या है?

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) वह माध्यम है, जिसके द्वारा कंपनियाँ अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी ईमानदारी से निर्वहन करती हैं।

  • CSR के अंतर्गत कंपनियाँ दिव्यांगजन सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और अन्य सामाजिक कार्यों में योगदान देकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करती हैं।
  • भारत में कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुसार निर्धारित पात्रता रखने वाली कंपनियों के लिए CSR गतिविधियों में योगदान करना अनिवार्य है।
  • नारायण सेवा संस्थान हाशिए पर मौजूद समुदायों की मदद के लिए CSR को सेवा (निस्वार्थ सेवा) की भावना के साथ जोड़ता है।

CSR पार्टनर बनें →

हमारे CSR के प्रमुख कार्यक्षेत्र

संस्थान ऐसे CSR कार्यक्रम संचालित करता है, जो समाज में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

  • स्वास्थ्य सेवा: दिव्यांगता सुधारात्मक ऑपरेशन और कृत्रिम अंग उपलब्ध करवाकर दिव्यांगजनों को फिर से चलने-फिरने, आत्मनिर्भर बनने और बेहतर जीवन जीने में सहयोग करना। (SDG 3: अच्छा स्वास्थ्य एवं कल्याण)
  • शिक्षा : कौशल आधारित शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार करना। (SDG 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)
  • कौशल विकास: व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाकर दिव्यांग एवं वंचित लोगों को सम्मानपूर्वक आजीविका कमाने के लिए सक्षम बनाना। (SDG 8: सम्मानजनक रोजगार एवं आर्थिक विकास)
  • सामाजिक समावेशन: जागरूकता अभियान, सुलभ सुविधाओं और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा समान अवसर उपलब्ध कराना। (SDG 10: असमानताओं में कमी)
हमसे जुड़ें →
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हमारी CSR पहल से जुड़ने के लाभ

नारायण सेवा संस्थान के साथ साझेदारी आपके ब्रांड को CSR लक्ष्यों को पूरा करते हुए समाज पर सकारात्मक और मापनीय प्रभाव डालने में सक्षम बनाती है।

बेहतर ब्रांड <br>पहचान

बेहतर ब्रांड
पहचान

CSR से लोकप्रियता बढ़ती है, खासकर तब जब इसे पवित्र आयोजनों से जोड़ा जाता है।

कर्मचारी <br> जुड़ाव

कर्मचारी
जुड़ाव

साल भर के खास मौकों पर सेवा कार्यों में स्टाफ़ को शामिल करें।

वैल्यूएशन <br> प्रीमियम

वैल्यूएशन
प्रीमियम

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक स्टडी के अनुसार, मज़बूत CSR से वैल्यूएशन में 11% की बढ़ोतरी होती है।

समुदाय पर  <br> प्रभाव

समुदाय पर
प्रभाव

आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण दिनों पर दिव्यांगों की दान देकर सहायता करें।

सस्टेनेबल <br> बदलाव

सस्टेनेबल
बदलाव

ऐसे प्रोजेक्ट्स के ज़रिए लंबे समय तक चलने वाले बदलाव लाएं जो लोगों का जीवन बेहतर बनाएं और उनका भविष्य संवारें।

परिवर्तन के भागीदार बनें

CSR के लिए नारायण सेवा संस्थान ही क्यों?

अपने CSR लक्ष्यों को प्रभावी, पारदर्शी और परिणाम-आधारित तरीके से पूरा करने के लिए हमारे अनुभव और सेवा भावना पर भरोसा करें।

सेवा की विश्वसनीय विरासत
वर्ष 1985 से अब तक नि:शुल्क दिव्यांगता सुधारात्मक ऑपरेशन कराकर लाखों लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।
भारतीय संस्कृति और सेवा का संगम
धार्मिक एवं सामाजिक अवसरों पर विशेष सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज के साथ गहरा जुड़ाव और अधिक प्रभावशाली जनसेवा।
नवाचार के साथ पुनर्वास
1 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान कर उन्हें फिर से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य।
समुदाय आधारित सशक्तिकरण
दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं को समझते हुए उनके विकास और पुनर्वास के लिए समर्पित प्रयास।
आपके CSR लक्ष्यों के अनुरूप योजनाएँ
स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में आपकी कंपनी की CSR प्राथमिकताओं के अनुसार विशेष कार्यक्रम तैयार किए जाते हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित संस्था
नारायण सेवा संस्थान को दिव्यांगजन सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं, जो हमारी विश्वसनीयता और सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

हमारे CSR पार्टनर्स क्या कहते हैं

जानिए, हमारे सहयोगी किस प्रकार नारायण सेवा संस्थान के साथ मिलकर समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला रहे हैं।

पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) वह व्यवस्था है, जिसके तहत कंपनियाँ अपने व्यवसाय के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करती हैं।

CSR के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक कल्याण और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे अनेक जनहितकारी कार्य किए जाते हैं।

CSR के अंतर्गत दान एवं सामाजिक सहयोग, कर्मचारी स्वयंसेवा, पर्यावरण संरक्षण, नैतिक व्यावसायिक गतिविधियाँ, कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाएँ और सामुदायिक विकास जैसी पहल शामिल होती हैं।

हाँ। नारायण सेवा संस्थान की एक स्पष्ट और सुव्यवस्थित CSR नीति है, जो सामाजिक सेवा, पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

CSR के माध्यम से प्राप्त सहयोग का उपयोग नि:शुल्क दिव्यांगता सुधारात्मक ऑपरेशन, कृत्रिम अंग वितरण, शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और अन्य जनसेवा कार्यों में पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाता है। प्रत्येक परियोजना का नियमित ऑडिट और रिपोर्टिंग भी की जाती है, ताकि सहयोगकर्ताओं का विश्वास बना रहे।

CSR किसी भी कंपनी को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर देता है। इससे कंपनी की विश्वसनीयता बढ़ती है, ब्रांड की सकारात्मक पहचान बनती है, कर्मचारियों का जुड़ाव मजबूत होता है और समाज के साथ बेहतर संबंध स्थापित होते हैं।

CSR और सतत विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। CSR के माध्यम से किए गए कार्य सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय विकास को बढ़ावा देते हैं, जिससे एक बेहतर और संतुलित समाज का निर्माण होता है।

CSR अपनाने से कंपनियों को कई लाभ मिलते हैं, जैसे:-

  • ब्रांड की सकारात्मक पहचान
  • ग्राहकों और समाज का बढ़ता विश्वास
  • कर्मचारियों की संतुष्टि और जुड़ाव
  • हितधारकों के साथ मजबूत संबंध
  • दीर्घकालीन विकास और बेहतर व्यावसायिक प्रतिष्ठा

CSR व्यवसायों को समाज के साथ मजबूत संबंध बनाने, निवेशकों का विश्वास जीतने, संभावित जोखिम कम करने और दीर्घकालीन विकास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है।

हाँ। हमारी एक सुविचारित CSR रणनीति है, जिसके माध्यम से हम स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, पुनर्वास और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्रों में प्रभावी एवं स्थायी बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

CSR सहयोग से संस्थान अधिक से अधिक दिव्यांग और जरूरतमंद लोगों तक अपनी सेवाएँ पहुँचा पाता है। साथ ही नए सहयोगी, संसाधन और सामाजिक सहभागिता बढ़ने से सेवा कार्यों का दायरा लगातार विस्तृत होता है।

सरल शब्दों में, CSR का अर्थ है- कंपनियों द्वारा अपनी आय का एक हिस्सा समाज और जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए समर्पित करना। इसके माध्यम से कंपनियाँ समाज के विकास में भी सक्रिय योगदान देती हैं।

हम उन सभी कंपनियों, उद्योग समूहों, कॉर्पोरेट संस्थानों, फाउंडेशन और दानदाताओं का स्वागत करते हैं, जो दिव्यांग, निर्धन और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे उद्देश्य से जुड़ना चाहते हैं।

यदि आप हमारे साथ CSR पार्टनरशिप करना चाहते हैं, तो हमारी टीम से संपर्क करें। हम आपकी CSR प्राथमिकताओं के अनुसार उपयुक्त परियोजनाओं और सहयोग के अवसरों की विस्तृत जानकारी प्रदान करेंगे।

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