वर्ष 2026 की पहली शनि अमावस्या ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है, जो इसे और भी अधिक पवित्र और फलदायी बनाती है। यह दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने, पितरों की तृप्ति और जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने का भी श्रेष्ठ समय माना गया है।
हिंदू पंचांग की गणना दुनिया की सबसे सटीक गणनाओं में से एक मानी जाती है। इसी गणना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है अधिक मास । अक्सर लोग इसे केवल एक ‘अतिरिक्त महीना’ मानते हैं, लेकिन अध्यात्म की दृष्टि से यह स्वयं को शुद्ध करने और पुण्य संचित करने का सबसे बड़ा अवसर है।
हिंदू धर्म में अधिक मास को अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। यह आत्मशुद्धि, भक्ति, दान और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर होता है। वर्ष 2026 में ज्येष्ठ अधिक मास का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है।