पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, नामस्मरण, कथा-श्रवण, जागरण और दान-पुण्य की परंपरा रही है। यह दिन स्वयं के भीतर भक्ति और सात्विकता का दीप प्रज्वलित करने का अवसर है।
शारदीय नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा की आराधना, शक्ति की उपासना और जीवन में सद्भाव का संकल्प लेने का पावन अवसर है। इन नौ दिनों में भक्त माँ जगदम्बा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं
शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ होगी और 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ इसका समापन होगा। भक्तजन इन दिनों माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए व्रत, पूजन, जप, पाठ, हवन और सेवा के माध्यम से जीवन को सात्विक बनाने का प्रयास करते हैं।