ज्येष्ठ अधिक अमावस्या 2026 एक दुर्लभ और अत्यंत पुण्यदायी अवसर है, जो सोमवती अमावस्या के दिन पड़ रहा है। जानें इसकी तिथि, धार्मिक महत्व, पूजा-विधि तथा पुरुषोत्तम मास में दान, अन्न सेवा और भगवान विष्णु की उपासना का महत्व।
सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान श्रीहरि विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। प्रत्येक माह आने वाली एकादशी भक्तों को आत्मशुद्धि और भक्ति का संदेश देती है। लेकिन जब अधिकमास में आने वाली परमा एकादशी का अवसर आता है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
पुरुषोत्तम मास के दिव्य अवसर पर प्रस्तुत है पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा के अध्याय 21 से 31, जो न केवल भक्ति के रहस्यों को उजागर करते हैं, बल्कि साधक के जीवन को धर्म, आस्था और मोक्ष के पथ पर अग्रसर करने की प्रेरणा भी देते हैं।