हिंदू पंचांग के अनुसार, दशहरा या विजयादशमी का पर्व आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना करने के बाद दसवें दिन विजयादशमी का उत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम की विजय और माँ दुर्गा की शक्ति का विशेष स्मरण किया जाता है।
पापांकुशा एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना, व्रत, नामस्मरण, कथा-श्रवण, जागरण और दान-पुण्य की परंपरा रही है। यह दिन स्वयं के भीतर भक्ति और सात्विकता का दीप प्रज्वलित करने का अवसर है।
शारदीय नवरात्रि का पर्व माँ दुर्गा की आराधना, शक्ति की उपासना और जीवन में सद्भाव का संकल्प लेने का पावन अवसर है। इन नौ दिनों में भक्त माँ जगदम्बा के नौ दिव्य स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं