अधिक मास और खरमास हिंदू कैलेंडर के दो महत्वपूर्ण महीने हैं। अधिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है और आध्यात्मिक विकास के लिए शुभ माना जाता है, जबकि खरमास में शुभ कार्य वर्जित होते हैं और इसे आत्मनिरीक्षण के लिए समर्पित किया जाता है। दोनों अवधियों में दान का विशेष महत्व है।