काजल, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की रहने वाली एक मासूम और प्यारी सी बच्ची है। उसकी मुस्कान में वही चमक है, जो हर बच्चे में होती है। लेकिन उसकी जिंदगी शुरू से ही सामान्य नहीं रही। काजल जन्म से ही दिव्यांगता की चुनौती के साथ इस दुनिया में आई, जिसके कारण उसके लिए चलना-फिरना भी एक कठिन कार्य था।
जब उसके हमउम्र बच्चे दौड़ते, खेलते और स्कूल जाते थे, तब काजल केवल उन्हें दूर से देखती थी। वह न तो अपने दोस्तों के साथ खेल पाती थी, न ही स्कूल जाकर पढ़ाई कर पाती थी। उसके माता-पिता के लिए यह पीड़ा और भी गहरी थी कि उनकी बेटी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पा रही।
लेकिन फिर उसकी जिंदगी में एक उम्मीद की किरण आई। कुछ समय पहले उसके माता-पिता काजल को नारायण सेवा संस्थान लेकर आए। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका सफल ऑपरेशन किया गया।
अब काजल अपने पैरों पर खुद खड़ी हो सकती है, बिना किसी सहारे के चल सकती है। काजल तैयार है एक नई सकलांग जिंदगी जीने के लिए…