रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप, पार्थिव शिवलिंग पूजन और दिव्यांग बच्चों के लिए अन्नदान सेवा में सहभागी बनें और भगवान शिव की विशेष कृपा पाएं।
श्रावण मास भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र महीना माना गया है। शिवपुराण और अन्य धर्मग्रंथों में इस मास का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक की गई पूजा, जप, तप, व्रत और सेवा साधक के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। इस पावन काल में प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर जल, गंगाजल, कच्चा दूध और बिल्वपत्र अर्पित करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इसके साथ ही, इस अवसर पर रुद्राभिषेक कराना तथा ॐ नमः शिवाय एवं महामृत्युंजय मंत्र का जप करना आत्मा को पवित्र करता है और देवाधिदेव महादेव की अनुकंपा प्राप्त कराने वाला होता है।
भक्तगण सावन के हर सोमवार को उपवास रखें। मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। पूरे मन के साथ भगवान शिव का पूजन कराएं और दीन-दु:खी, असहाय, निर्धन और जरुरतमन्द लोगों की सहायता कर भगवान शिव का असीम आशीर्वाद प्राप्त करें।

सनातन धर्म में श्रावण मास के दौरान रुद्राभिषेक को भगवान शिव की सर्वश्रेष्ठ उपासना माना गया है। शिवपुराण के अनुसार श्रद्धा एवं विधि-विधान से किया गया रुद्राभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इसकी महिमा से जीवन के विघ्न-बाधाओं का नाश होता है, परिवार में सुख-शांति का वास होता है तथा आरोग्य, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आप अपने नाम से विद्वान वैदिक पंडितों द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाएं। यह पावन अनुष्ठान आपके और आपके परिवार के मंगल, कल्याण एवं शिव कृपा की कामना के साथ सम्पन्न किया जाएगा।

ऋषियों द्वारा प्रदत्त महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव का अमृतमय मंत्र माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा एवं विश्वास के साथ इसका जप करने से भगवान शिव साधक को आरोग्य, दीर्घायु, मानसिक शांति एवं संकटों से रक्षा का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।
नारायण सेवा संस्थान में आपको यजमान मानते हुए विद्वान आचार्यों द्वारा 1008 महामृत्युंजय मंत्रों का वैदिक जप किया जाएगा; आपके एवं आपके परिवार के सुख, शांति व उत्तम स्वास्थ्य की कामना के साथ।

सनातन धर्म में अन्नदान को सभी दानों में श्रेष्ठ बताया गया है। अन्नदानं परं दानम्, अर्थात् समस्त दानों में अन्नदान सर्वोत्तम है।
धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास में दीन-हीन, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को श्रद्धापूर्वक भोजन कराने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। इस पावन मास में नारायण सेवा संस्थान के माध्यम से दिव्यांग एवं जरूरतमंद बच्चों के लिए अन्नदान कर भगवान भोलेनाथ की सेवा में सहभागी बनें।
सेवा आयोजनों में सहभागी बनकर पाएं भोलेनाथ की कृपा
इस श्रावण अपनी श्रद्धा को भक्ति और सेवा से जोड़ें। रुद्राभिषेक, मंत्र जाप, शिवलिंग पूजन एवं अन्नदान जैसे पुण्य कार्यों में सहभागी बनकर भगवान देवाधिदेव महादेव की विशेष कृपा प्राप्त करें।
सेवायज्ञ में सहभागी बनें