शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर को घटस्थापना के साथ होगी और 20 अक्टूबर को दशहरा के साथ इसका समापन होगा। भक्तजन इन दिनों माता के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हुए व्रत, पूजन, जप, पाठ, हवन और सेवा के माध्यम से जीवन को सात्विक बनाने का प्रयास करते हैं।
पितृ पक्ष की अंतिम तिथि को सर्व पितृ अमावस्या कहा जाता है। यह अमावस्या उन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों के स्मरण के लिए विशेष मानी जाती है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात न हो अथवा किसी कारणवश निर्धारित तिथि पर उनका श्राद्ध न हो पाया हो।
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी भी ऐसी ही पुण्यदायिनी तिथि है। पितृ पक्ष के समय आने के कारण इस दिन भगवान विष्णु की उपासना के साथ श्रद्धा और सत्कर्म का विशेष भाव जुड़ा रहता है।