श्रावण मास स्वयं भगवान शिव और भगवान विष्णु की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। ऐसे में श्रावण पुत्रदा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन व्रत, पूजा, भगवान विष्णु का स्मरण, कथा श्रवण तथा जरूरतमंदों की सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होने की मान्यता है।
हर साल 15 अगस्त आते ही देश का वातावरण देशभक्ति के रंग में रंग जाता है। स्कूलों और कार्यालयों में तिरंगा फहराया जाता है, राष्ट्रगान गूंजता है, जगह-जगह देशभक्ति के गीत सुनाई देते हैं|
वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण संयोग लेकर आ रहा है। यह सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात को लगेगा। खास बात यह है कि यह ग्रहण हरियाली अमावस्या के अवसर पर पड़ रहा है।