kartik purnima

कार्तिक पूर्णिमा पर दान देकर दीन-हीन, असहाय, दिव्यांग बच्चों को कराएं भोजन

कार्तिक पूर्णिमा

राशि = ₹
X

कार्तिक मास की पूर्णिमा को सनातन परंपरा में अत्यंत पावन और पुण्यदायी तिथि माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की आराधना, दीपदान, स्नान, जप, तप, दान एवं सेवा के लिए विशेष महत्व रखता है। धार्मिक मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना, दीप प्रज्वलन और जरूरतमंदों की सहायता करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा मन में भक्ति, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है।

 

कार्तिक पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, भगवान विष्णु का पूजन, हरि नाम का स्मरण, दीपदान और दान-पुण्य करने की परंपरा है। कार्तिक मास की पूर्णिमा हमें यह संदेश देती है कि जीवन में धर्म और भक्ति के साथ परोपकार एवं सेवा के भाव को भी स्थान देना चाहिए।

इस पूर्णिमा को देव दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवता पृथ्वी पर आकर पवित्र नदियों के तट पर दीप प्रज्वलित करते हैं। इसलिए इस तिथि पर दीपदान का विशेष महत्व बताया गया है। अंधकार में दीप जलाना केवल एक धार्मिक कर्म नहीं, बल्कि जीवन में ज्ञान, सद्भाव और आशा का प्रकाश फैलाने का प्रतीक भी है।

 

दान और सेवा का महत्व

सनातन परंपरा में कार्तिक पूर्णिमा पर किया गया दान और परोपकार विशेष पुण्यकारी माना गया है। इस पुण्यदायी अवसर पर अन्न, भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करने के साथ जरूरतमंदों की सहायता करना मानव सेवा का श्रेष्ठ भाव है। किसी भूखे को भोजन कराना, असहाय के जीवन में सहारा बनना और जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाना भी ईश्वर की आराधना का ही एक रूप माना गया है।

श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण ने दान को श्रद्धा और धर्म से जोड़ते हुए कहा है-

दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे।

देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्॥

अर्थात् जो दान कर्तव्य समझकर, बिना किसी प्रत्युपकार की अपेक्षा के, उचित स्थान, समय और पात्र को दिया जाता है, वह सात्विक दान माना गया है।

 

दीन-हीन, निर्धन, असहाय एवं दिव्यांग बच्चों को भोजन कराएं

इस पावन कार्तिक पूर्णिमा पर नारायण सेवा संस्थान द्वारा दीन-हीन, निर्धन, असहाय एवं दिव्यांग बच्चों के लिए भोजन सेवा की जा रही है। इस शुभ अवसर पर अपनी श्रद्धा को सेवा से जोड़ें और किसी जरूरतमंद बच्चे की थाली तक पौष्टिक एवं मीठा भोजन पहुंचाने में सहभागी बनें।

कार्तिक पूर्णिमा पर भगवान विष्णु का स्मरण करें, दीप प्रज्वलित करें, दान-पुण्य का संकल्प लें और सेवा के माध्यम से मानवता के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करें। आपके द्वारा किया गया एक छोटा-सा सहयोग किसी जरूरतमंद के लिए भोजन, प्रसन्नता और अपनत्व का कारण बनेगा।

कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक पूर्णिमा पर दीन-हीन, असहाय, दिव्यांग बच्चों को भोजन कराने में सहयोग करें

आपके द्वारा दिए गए दान से दिव्यांग बच्चों को भोजन कराया जाएगा

Bank Details

Account Name
Narayan Seva Sansthan
Bank Name
STATE BANK OF INDIA
Account Number
31505501196
IFSC Code
SBIN0011406
Avail tax exemption under Section 80G

इमेज गैलरी
चैट साझा करें