06 March 2026

NGO को दान किया है? जानिए फॉर्म 10BD और 10BE के जरिए 80G में टैक्स छूट कैसे पाएं

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अगर आप किसी धर्मार्थ संस्थान (NGO) को दान करते हैं और यह सोचकर उलझन में पड़ जाते हैं कि इनकम टैक्स में छूट कैसे मिलेगी, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका है। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने दान और टैक्स छूट की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब केवल रसीद के आधार पर 80G की छूट नहीं मिलती, बल्कि फॉर्म 10BD और फॉर्म 10BE की प्रक्रिया अनिवार्य कर दी गई है।

ये नियम Income Tax Act, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत लागू किए गए हैं, ताकि दानदाता और संस्थान दोनों की गतिविधियाँ स्पष्ट और प्रमाणित रहें। आइए विस्तार से समझते हैं कि ये फॉर्म क्या हैं, कैसे काम करते हैं और आपको इनसे क्या लाभ होगा।

 

धारा 80G और नई पारदर्शी व्यवस्था

धारा 80G के तहत यदि आप किसी पंजीकृत NGO या ट्रस्ट को दान देते हैं, तो आपको अपनी कर योग्य आय (Taxable Income) में कटौती का लाभ मिलता है। यह कटौती 50% या 100% तक हो सकती है, यह संबंधित संस्था की श्रेणी पर निर्भर करता है।

पहले प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी। दान दीजिए, रसीद लीजिए और ITR में दावा कर दीजिए। लेकिन इस व्यवस्था में दुरुपयोग की संभावना थी। इसलिए सरकार ने डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली लागू की, जिसमें NGO और दानदाता दोनों की जानकारी आयकर विभाग के पास दर्ज होती है।

यहीं से फॉर्म 10BD और फॉर्म 10BE की भूमिका शुरू होती है।

 

फॉर्म 10BE क्या है?

सरल शब्दों में, फॉर्म 10BE एक आधिकारिक प्रमाण पत्र है जो यह साबित करता है कि आपने किसी पंजीकृत NGO को दान दिया है और वह दान आयकर छूट के लिए पात्र है। यह प्रमाण पत्र दान प्राप्त करने वाली संस्था द्वारा जारी किया जाता है। जब आप अपनी आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करते हैं, तो इसी फॉर्म के आधार पर आप धारा 80G के अंतर्गत टैक्स छूट का दावा करते हैं।

 

इसका उद्देश्य है:

  • दान की वैधता सुनिश्चित करना
  • फर्जी दावों को रोकना
  • आयकर विभाग के रिकॉर्ड से मिलान करना

 

फॉर्म 10BD क्या है और यह क्यों जरूरी है?

फॉर्म 10BE जारी करने से पहले NGO को फॉर्म 10BD भरना अनिवार्य होता है। फॉर्म 10BD वह विवरणी है जिसे NGO आयकर विभाग को जमा करता है। इसमें निम्न जानकारी शामिल होती है:

  1. दानदाता का नाम
  2. पैन नंबर
  3. दान की राशि
  4. दान की तारीख
  5. दान का प्रकार

 

यानि अब आयकर विभाग के पास पहले से यह रिकॉर्ड रहता है कि किस व्यक्ति ने किस संस्था को कितना दान दिया है। इसके बाद संस्था उसी जानकारी के आधार पर दानदाता को फॉर्म 10BE जारी करती है। यह पूरी प्रक्रिया टैक्स छूट को पारदर्शी और प्रमाणिक बनाती है।

 

 

फॉर्म 10BE कब और कैसे जारी होता है?

इस प्रक्रिया की समयसीमा समझना बेहद जरूरी है:

  • वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद NGO को फॉर्म 10BD भरना होता है।
  • यह विवरण आयकर विभाग को जमा किया जाता है।
  • इसके बाद NGO को 31 मई तक दानदाता को फॉर्म 10BE जारी करना अनिवार्य है।

 

उदाहरण के लिए:

यदि आपने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान दान दिया है, तो संबंधित NGO को 31 मई 2026 तक आपको फॉर्म 10BE देना होगा।

 

एक उदाहरण से समझें

मान लीजिए कि नारायण सेवा संस्थान को अक्टूबर 2025 में किसी दानदाता से ₹21,000 का दान प्राप्त हुआ।

चूंकि यह दान वित्त वर्ष 2025-26 में हुआ है:

  • संस्थान को वर्ष समाप्त होने के बाद फॉर्म 10BD भरकर आयकर विभाग को दान का विवरण देना होगा।
  • इसके बाद 31 मई 2026 तक दानदाता को फॉर्म 10BE जारी करना अनिवार्य होगा।
  • दानदाता अपनी ITR दाखिल करते समय इसी फॉर्म 10BE के आधार पर धारा 80G के तहत टैक्स छूट का दावा करेगा।

यदि यह फॉर्म जारी नहीं हुआ, तो टैक्स छूट का दावा अस्वीकार भी किया जा सकता है।

 

Form 10BE क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

नई व्यवस्था में यह फॉर्म अनिवार्य इसलिए है क्योंकि:

  1. केवल रसीद अब पर्याप्त नहीं है।
  2. आयकर विभाग दान के दावे को NGO द्वारा दाखिल फॉर्म 10BD से मिलान करता है।
  3. यदि दोनों रिकॉर्ड मेल नहीं खाते, तो आपका दावा रोका जा सकता है।
  4. यह प्रणाली फर्जी या दोहराए गए दावों को रोकती है।
  5. इससे ईमानदार दानदाताओं को फायदा होता है और पूरी प्रक्रिया विश्वसनीय बनती है।

 

टैक्स छूट का लाभ सही तरीके से कैसे उठाएं?

यदि आप चाहते हैं कि आपका दान सामाजिक कार्यों में भी लगे और टैक्स छूट भी सुनिश्चित हो, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • केवल 80G पंजीकृत NGO को ही दान दें।
  • ₹2,000 से अधिक का दान नकद में न दें। डिजिटल या बैंक माध्यम से करें।
  • दान की रसीद सुरक्षित रखें।
  • 31 मई तक NGO से फॉर्म 10BE प्राप्त करना सुनिश्चित करें।
  • ITR फाइल करते समय सही विवरण दर्ज करें।

 

फॉर्म 10BD और 10BE की व्यवस्था शुरुआत में थोड़ी जटिल लग सकती है, लेकिन वास्तव में यह दान प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाती है। अब आपका दान एक प्रमाणित वित्तीय लेन-देन भी है। यदि आप समाज सेवा में योगदान देते हैं, तो यह प्रणाली आपके लिए लाभकारी है। बस यह सुनिश्चित करें कि आपको समय पर फॉर्म 10BE प्राप्त हो, ताकि अपने ITR में 80G के तहत टैक्स छूट का दावा कर सकें।

 

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