पुरुषोत्तम मास महात्म्य कथा के अध्याय 1 से 10 में अधिक मास के पुरुषोत्तम मास बनने की दिव्य कथा, भगवान विष्णु की कृपा और भक्ति की महिमा का वर्णन किया गया है। जानें कैसे इस पवित्र मास में व्रत, दान, जप और पूजा करने से मनुष्य के पाप, दुःख और दरिद्रता दूर होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वर्ष 2026 की पहली शनि अमावस्या ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है, जो इसे और भी अधिक पवित्र और फलदायी बनाती है। यह दिन शनि देव की कृपा प्राप्त करने, पितरों की तृप्ति और जीवन के कष्टों से मुक्ति पाने का भी श्रेष्ठ समय माना गया है।
Purushottam Maas Mahatmya Katha Chapters 1 to 10 narrate the divine transformation of Adhik Maas into the sacred Purushottam Maas through the blessings of Lord Krishna and Lord Vishnu.