“14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ खरमास तो समाप्त हो रहा है, लेकिन विवाह की शहनाइयों के लिए अभी और इंतजार करना होगा। आखिर सूर्य के उत्तरायण होने के बावजूद शुभ कार्यों पर रोक क्यों लगी रहेगी? जानें शुक्र अस्त का ज्योतिषीय प्रभाव और फरवरी 2026 में शुभ मुहूर्त की सटीक तारीख।”
कल्पवास माघ मास में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर किया जाने वाला एक दिव्य साधना-व्रत है। सनातन परंपरा में यह संयम, तप, पवित्र स्नान और भक्ति के माध्यम से आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।
मौनी अमावस्या 2026: 18 जनवरी को माघ मास की यह अमावस्या आत्मशुद्धि और पितृ कल्याण का अनुपम अवसर प्रदान करती है। ब्रह्म मुहूर्त स्नान, मौन व्रत एवं दान के महत्व सहित घर पर किए जा सकने वाले उपायों की पूरी जानकारी प्राप्त करें।