11 April 2026

वैशाख अमावस्या 2026: जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और दान का महत्व

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भगवान श्रीहरि विष्णु के प्रिय वैशाख मास में आने वाली अमावस्या तिथि का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना गया है। यह दिन स्नान, तर्पण, पूजा-पाठ और दान के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन तिथि पर श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए शुभ कार्य साधक को पुण्य फल प्रदान करते हैं।

वैशाख मास स्वयं में तप, सेवा और दान का महीना माना गया है। ऐसे में इस माह की अमावस्या का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। यह दिन भगवान लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त करने, पितरों की आत्मा की शांति और जीवन में सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

 

वैशाख अमावस्या कब है?

 

साल 2026 में वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल, दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। द्रिक पंचांग के अनुसार यह तिथि 16 अप्रैल की रात्रि 8 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर 17 अप्रैल की शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी।

चूंकि उदया तिथि 17 अप्रैल को प्राप्त हो रही है, इसलिए अमावस्या का व्रत, स्नान, तर्पण और दान इसी दिन करना शुभ रहेगा।

 

वैशाख अमावस्या का महत्व

 

वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ तिथि माना जाता है। इस दिन श्राद्ध और तर्पण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है तथा परिवार पर उनका आशीर्वाद बना रहता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य, सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही साधक के जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान का पुण्य विशेष रूप से अक्षय माना गया है।

 

वैशाख अमावस्या की पूजाविधि

 

वैशाख अमावस्या के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें। यदि किसी पवित्र नदी या तीर्थस्थल पर स्नान संभव हो तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। अन्यथा घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है।

स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें। दीप, धूप, पुष्प, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें।

इसके बाद पितरों के नाम से तर्पण करें। तर्पण के लिए तिल, कुश, जल और दूध का उपयोग करें। श्रद्धा भाव से पितरों की शांति के लिए प्रार्थना करें।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन संध्या समय पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाने का विशेष महत्व है। पीपल में पितरों और देवताओं का वास माना गया है। इसलिए संध्या के समय पीपल के नीचे दीपक अवश्य प्रज्वलित करें। इससे जीवन में आर्थिक समृद्धि आती है और घर में किसी भी वस्तु की कमी नहीं रहती।

 

वैशाख अमावस्या पर दान का महत्व

 

सनातन परंपरा में दान को सर्वोच्च पुण्य कर्मों में स्थान दिया गया है। विशेषकर वैशाख अमावस्या पर अन्न दान और जल दान का बड़ा महत्व बताया गया है।

कहा जाता है कि इस दिन भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देने से तीर्थ दर्शन के समान पुण्य प्राप्त होता है। राहगीरों के लिए प्याऊ की व्यवस्था करना, जरूरतमंदों को भोजन कराना और असहाय लोगों की सहायता करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

वैशाख अमावस्या के दिन चावल, चीनी, दूध, दही और शीतल खाद्य पदार्थों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इन वस्तुओं के दान से व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, मानसिक शांति प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि बढ़ती है।

सनातन परंपरा के पौराणिक ग्रंथों और धर्मशास्त्रों में दान के महत्व का विशेष वर्णन मिलता है। मनुस्मृति में दान का उल्लेख करते हुए कहा गया है

तपः परं कृतयुगे त्रेतायां ज्ञानमुच्यते।
द्वापरे यज्ञमेवाहुर्दानमेकं कलौ युगे॥

अर्थात् सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलियुग में दान ही मनुष्य के कल्याण का सबसे बड़ा साधन है।

 

वैशाख अमावस्या के पवित्र अवसर पर करें इन चीजों का दान

 

वैशाख अमावस्या के इस पुण्यकारी अवसर पर अन्न और भोजन दान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसलिए वैशाख अमावस्या पर नारायण सेवा संस्थान के दीन-हीन, असहाय, दिव्यांग बच्चों को भोजन कराने के सेवा प्रकल्प में सहयोग करें और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।

 

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

 

प्रश्न: वैशाख अमावस्या 2026 कब है?
उत्तर: वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।

प्रश्न: वैशाख अमावस्या पर कौन-सी पूजा करनी चाहिए?
उत्तर: वैशाख अमावस्या पर प्रातः स्नान के बाद भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। साथ ही पितरों के नाम से तर्पण और ध्यान करना भी शुभ माना जाता है।

प्रश्न: वैशाख अमावस्या पर क्या दान करना चाहिए?
उत्तर: वैशाख अमावस्या के पावन अवसर पर जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को अन्न दान और भोजन दान करना चाहिए।

प्रश्न: पीपल के वृक्ष पर दीपक जलाने का क्या महत्व है?
उत्तर: धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के वृक्ष में पितरों और देवताओं का वास होता है। संध्या समय दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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