Anjali is now out of critical condition.
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अंजलि को मिला नया जीवन

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सफलता की कहानी : अंजलि कुमारी

मंदसौर (मप्र) जिले की सीतामऊ तहसील के लदूना निवासी कमलेश-अनिता बेटी के जन्म से खुश थे। बेटी की बढ़ती उम्र के साथ-साथ घर वालों ने उसकी जिंदगी संवारने के अनेक सपने सजाए। अंजली जब (12) वर्ष की हुई सब कुछ ठीक चल रहा था, कि यकायक बेटी की तबीयत बिगड़ी काफी उपचार के बाद भी आराम नहीं मिला। एक बड़े अस्पातल में जांच करवाई तो ज्ञात हुआ कि बेटी को ‘हेमोलिटिक ब्लड डिसऑर्डर ’ नामक बीमारी है। जिससे पेट में सूजन और शरीर में खून की कमी बढ़ती जाती है। यह सुन माता-पिता सहम गए। डाॅक्टर ने शीघ्र आपरेशन करने की सलाह देते हुए 30 हजार रूपए का खर्च बताया। 

लेकिन कमलेश हमाली (वाहनों में सामान लादना) का काम कर 5 सदस्यों के परिवार का गुजारा बड़ी मुश्किल से कर पा रहा था ऐसे में आपरेशन के इतने बडे खर्च का बंदोबस्त करना नामुमकिन था। उदयपुर के ही एक अस्पताल में उपचार के दौरान नारायण सेवा संस्थान से जटिलतम रोगों के आर्थिक सहायता की जानकारी मिली। कमलेश संस्थान में अध्यक्ष प्रशांत भैया से मिले और माली हालत व बेटी की बीमारी के बारे में अवगत करवाया। भैया ने आपरेशन हेतू 30 हजार की तुरन्त मदद की। जिससे अंजलि का 13 मार्च को सफलतापूर्वक आॅपरेशन होकर उसे नया जीवन मिला।

माता-पिता बेटी के ठीक होने से फूले नहीं समा रहे हैं। संस्थान का आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि सच में यह संस्थान नारायण का ही स्वरूप हैं।