16 January 2026

माघ पूर्णिमा (Magh Purnima) 2026 : जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और नियम

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सनातन परंपरा में माघ मास को अत्यंत पवित्र माना गया है। जब शीत ऋतु अपने अंतिम चरण में होती है और प्रकृति में दिव्यता का संचार होता है, तब माघ मास की पूर्णिमा श्रद्धालुओं के लिए पुण्य का अनुपम अवसर लेकर आती है। माघ पूर्णिमा स्नान, दान, जप और तप के माध्यम से आत्मशुद्धि का पर्व है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

 

माघ पूर्णिमा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि का आरंभ 01 फरवरी 2026 को प्रातः 05 बजकर 52 मिनट से होगा, जबकि इसका समापन 02 फरवरी 2026 को रात्रि 03 बजकर 38 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा 01 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी।

 

माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व

माघ पूर्णिमा का महत्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह माघ मास का अंतिम होता है, जो माह का सर्वाधिक पुण्यदायी दिन माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, माघ मास में किए गए स्नान, दान और जप का फल सामान्य दिनों की अपेक्षा कई गुना अधिक होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक को मोक्ष की दिशा में अग्रसर होने का अवसर प्राप्त होता है।
विशेष रूप से प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में माघ पूर्णिमा का स्नान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर मनुष्य रूप में संगम में स्नान करते हैं, जिससे इस तिथि की महिमा और बढ़ जाती है। माघ पूर्णिमा के दिन माघ स्नान और कल्पवास का भी समापन होता है, जो साधकों के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक क्षण होता है।

 

माघ पूर्णिमा के नियम

माघ पूर्णिमा के दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करने से पूजा और उपवास का पूर्ण फल प्राप्त होता है
प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पवित्र नदी या घर पर स्नान करें।
स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित कर प्रार्थना करें।
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें।
इस दिन सत्य, संयम और शांति का विशेष ध्यान रखें।
क्रोध, नकारात्मक विचार, विवाद और झूठ आदि से दूर रहें।
काले रंग के वस्त्र धारण करने से बचें।
घर और पूजा स्थल में स्वच्छता रखें।

 

माघ पूर्णिमा पर दान का पुण्य

सनातन धर्म में दान को सबसे श्रेष्ठ कर्मों में स्थान दिया गया है, और माघ पूर्णिमा पर किया गया दान अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन श्रद्धा अनुसार ब्राह्मणों तथा दीन-हीन, असहाय, निर्धन लोगों को अन्न और भोजन का दान करने से जीवन में धन-धान्य की वृद्धि होती है।

धार्मिक मान्यता है कि माघ पूर्णिमा के दिन किया गया दान कभी निष्फल नहीं जाता। इससे साधक के जीवन में दरिद्रता, कष्ट और अभाव दूर होते हैं तथा पुण्य का संचय होता है। कहा जाता है कि इस दिन दान करने से पूजा-अर्चना का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा साधक पर बनी रहती है।

 

माघ पूर्णिमा पर इन चीजों का करें दान

हिन्दू धर्म में अन्न दान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अन्न दान से न केवल भूखे का पेट भरता है, बल्कि दाता के जीवन में भी सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। माघ पूर्णिमा के इस शुभ अवसर पर आप नारायण सेवा संस्थान के माध्यम से दीन-दुःखी और निर्धन बच्चों को भोजन कराने के सेवा प्रकल्प में सहयोग करें और पुण्य के भागी बनें।

 

प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: माघ पूर्णिमा 2026 कब है?
उत्तर: साल 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को मनाई जाएगी।

प्रश्न: माघ पूर्णिमा कौन से भगवान के लिए समर्पित है?
उत्तर: माघ पूर्णिमा भगवान विष्णु के लिए समर्पित है।

प्रश्न: माघ पूर्णिमा पर किन चीजों का दान करना चाहिए?
उत्तर: माघ पूर्णिमा पर जरूरतमंदों को अन्न, तिल, वस्त्र और भोजन का दान करना चाहिए।

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