01 February 2024

फॉर्म 10BE के माध्यम से उठाएं टैक्स छूट का लाभ

हाल ही में आयकर विभाग (Income Tax) द्वारा इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80G (Section 80G) में फॉर्म 10BD (Form 10BD) और फॉर्म 10BE (Form 10BE) के संबंध में नया प्रावधान जोड़ा है। यदि कोई भी दानदाता किसी धर्मार्थ संस्थान (NGO) को दान देता है तो वह इनकम टैक्स की धारा 80G के तहत आयकर में छूट का दावा कर सकता है। इस लेख में आयकर अधिनियम के फॉर्म 10BE के बारे में सम्पूर्ण जानकारी को विस्तार से बताया गया है-

 

फॉर्म 10BE

फॉर्म 10BE को वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा आयकर अधिनियम के तहत जारी किया गया है। ताकि दानदाता किसी धर्मार्थ संस्थान को दान देने के बाद इनकम टैक्स में छूट का लाभ ले सकें। फॉर्म 10BE के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करती है कि विभिन्न धर्मार्थ संस्थानों द्वारा प्राप्त दान करदाता के कटौती दावों से मेल खाता है या नहीं। फॉर्म 10BE आयकर अधिनियम की धारा 80G के तहत दावा की गई टैक्स छूट को मान्य करने के लिए साक्ष्य का प्रमाण है।

कोई भी संस्थान फॉर्म 10BE तभी डाउनलोड कर सकता है जब उसने फॉर्म 10BD भरा हो या दान का विवरण दाखिल किया हो। दान प्राप्त करने वाले संस्थान को फॉर्म 10BE डाउनलोड करके दानदाता को भेजना अनिवार्य है।

फॉर्म 10BE जारी करने की तारीख फॉर्म 10BD जारी करने की तारीख के समान है। इसलिए जिस वर्ष संस्थान को दान प्राप्त हुआ है उसके अगले वित्तीय वर्ष की आखिरी तारीख 31 मई को या उससे पहले फॉर्म 10BE जारी करना अनिवार्य है। इन सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए संस्थान पहले ही फॉर्म 10BD दाखिल कर देता है ताकि फॉर्म 10BE नियत तिथि पर जारी किया जा सके।

 

फॉर्म 10BE को एक उदाहरण के माध्यम से समझें

मान लीजिए, गैर-सरकारी संगठन (NGO) नारायण सेवा संस्थान ने अक्टूबर 2023 में किसी दानदाता (Donor) से 21,000 रुपये का दान प्राप्त किया है। यह दान वित्त वर्ष 2023-24 में प्राप्त हुआ दान माना जाएगा। तदनुसार, अब संस्थान को आयकर अधिनियम का फॉर्म 10BD दाखिल करना होगा। साथ ही 31 मई 2024 को या उससे पहले दानदाता को फॉर्म 10BE जारी करना होगा।

 

फॉर्म 10BE को जारी करने के लिए इसलिए किया जाता है फॉर्म 10BD दाखिल

पहले टैक्सपेयर धर्मार्थ संस्थान द्वारा दी गई दान रसीदों के आधार पर आसानी से आयकर अधिनियम की धारा 80G के तहत टैक्स में छूट का दावा कर सकते थे। लेकिन अब सरकार ने इसमें नए प्रावधान जोड़ दिए हैं। नए प्रावधानों के अनुसार, ऐसे संस्थान जो दानवीरों से दान प्राप्त करते हैं उनके लिए फॉर्म 10BD दाखिल करना और फॉर्म 10BE जारी करना अनिवार्य है।

ऊपर दी गई जानकारी से स्पष्ट है कि यदि कोई धर्मार्थ संस्थान आपके दिए गए दान के आधार पर आपको फॉर्म 10BE जारी करता है तो आप एक वित्तीय वर्ष के दौरान आयकर की धारा 80G के तहत टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं। आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए नए नियमों के अनुसार, दानदाताओं को टैक्स में छूट लेने के लिए दान का प्रमाणन या फॉर्म 10BE प्राप्त करना अनिवार्य है।