मुजफ्फरपुर, बिहार का 6 वर्षीय अभिषेक कुमार जन्म से ही मुड़ी हुई टांगों की समस्या से जूझ रहा था। जब उसकी उम्र के बच्चे दौड़ रहे थे और खेल रहे थे, तब अभिषेक केवल उन्हें देखता रह जाता था। चलना, स्कूल जाना और दोस्तों के साथ खेलना उसके लिए एक अधूरा सपना बन गया था।
अभिषेक के पिता एक प्राइवेट कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड हैं। सीमित आय में परिवार का पालन-पोषण ही मुश्किल था, ऐसे में बच्चे के महंगे इलाज की कल्पना भी कठिन थी। बेटे को तकलीफ में देखना उसके माता-पिता के लिए सबसे बड़ा दर्द था। वे चाहते थे कि उनका बेटा भी सामान्य बच्चों की तरह खड़ा हो सके, चल सके, मुस्कुरा सके।
साल 2022 में किसी शुभचिंतक के माध्यम से उन्हें नारायण सेवा संस्थान के बारे में जानकारी मिली। उम्मीद और विश्वास के साथ वे संस्थान पहुंचे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार प्रक्रिया शुरू की | अगले तीन वर्षों में अभिषेक के दो सफल ऑपरेशन किए गए।
आज अभिषेक अपने पैरों पर खड़ा हो चुका है। वह आत्मविश्वास के साथ चलना सीख रहा है। जो बच्चा कभी दूसरों को खेलते हुए देखता था, आज खुद भी खेलने की कोशिश कर रहा है। उसकी मुस्कान उसके परिवार की सबसे बड़ी खुशी बन गई है। अब अभिषेक अग्रसर है अपनी नई जिंदगी जीने के लिए….