दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह
भारतीय सनातन संस्कृति में विवाह दो परिवारों और दो आत्माओं का दिव्य मिलन माना गया है। यह सोलह संस्कारों में एक ऐसा पवित्र संस्कार है, जो प्रेम, विश्वास, उत्तरदायित्व और धर्ममय जीवन की आधारशिला रखता है। किसी कन्या का सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराना केवल एक सामाजिक उत्तरदायित्व नहीं, बल्कि महान पुण्य और लोक-परलोक का कल्याण करने वाला श्रेष्ठ दान माना गया है।
इसी दिव्य भावना को साकार करते हुए नारायण सेवा संस्थान विगत कई वर्षों से दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक-युवतियों का निःशुल्क सामूहिक विवाह समारोह आयोजित कर रहा है। यह आयोजन उन परिवारों के जीवन में आशा, सम्मान, आत्मविश्वास और नए भविष्य का शुभारंभ है, जिनके लिए आर्थिक अभाव और सामाजिक परिस्थितियाँ विवाह जैसे पावन संस्कार को कठिन बना देती हैं।
दिव्यांग एवं निर्धन बेटियों के विवाह हेतु सहयोग करें
दिव्यांग एवं निर्धन बेटियों के जीवन में वैवाहिक सुख और सम्मान का दीप प्रज्वलित करने हेतु अपना मंगल सहयोग अर्पित करें। नारायण सेवा संस्थान द्वारा आयोजित 47वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में केवल ₹101 का दान देकर इस पुण्यदायी कार्य के सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त करें।