नारायण सेवा संस्थान में आयोजित हो रहे 45वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 51 दिव्यांग जोड़े बने जन्म जन्मांतर के साथी। सभी दुल्हनों की मंगल आशीर्वाद के साथ हुई भावपूर्ण विदाई।
45वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में दूल्हों ने निभाई तोरण रस्म। साथ ही वर और वधुओं ने एक दूसरे के गले में वरमाला डालकर सात जन्मों के बंधन का लिया संकल्प...
नारायण सेवा संस्थान में आयोजित हो रहे 45वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 51 दिव्यांग जोड़े बने जन्म जन्मांतर के साथी। सभी दुल्हनों की मंगल आशीर्वाद के साथ हुई भावपूर्ण विदाई।
अग्नि को साक्षी मानकर लिए गए सात फेरे…
45वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में 51 जोड़ों ने पाणिग्रहण संस्कार के साथ सात जन्मों के अटूट बंधन में बंधकर अपने नए जीवन की मंगलमय शुरुआत की।
नारायण सेवा संस्थान में चल रहे 45वें दिव्यांग एवं निर्धन विवाह समारोह में सभी 51 वर और वधुओं ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर जन्म-जन्मांतर के बंधन में बंधने का संकल्प लिया।
नारायण सेवा संस्थान के 45वें दिव्यांग एवं निर्धन सामूहिक विवाह समारोह में उत्साहपूर्ण बिंदौली निकली गई। साथ ही 51 वरों ने विजय और मंगलकामना के प्रतीक स्वरूप पारंपरिक तोरण रस्म भी निभाई।