स्वेटर और कंबल वितरण
स्वेटर और कंबल वितरण सेवा प्रकल्प उन परिवारों को गरमाहट, सुकून और सम्मान देने का प्रयास है जो कठोर सर्दी का सामना कर रहे हैं। यह प्रकल्प 1 लाख ज़िंदगियों तक राहत और अपनापन पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
₹10
From Harendra Jaat
₹100
From Xyz
₹11
From Manish Vijay
₹21
From JAI JAGANNATH
₹1,000
From Shruthi Nair
₹108
From Ivan Chauhan
₹500
From D A
₹200
From SUNNY BHAGWAT
₹11
From Jay Prakash
₹21
From Vinod Rina
₹500
From Shivansh Garg
₹100
From Nirjara Jain
₹500
From Durga Vijay
₹300
From Vipul Khamal
₹10
From Arun A
₹100
From Jidhin Das
₹100
From Asalam King
₹101
From Avinash Singh
₹500
From Rajesh Kumar
₹1,000
From Saurabh
जैसे-जैसे सर्दी अपनी ठिठुरन भरी चादर ओढ़कर धरती पर उतर रही है, हवा में ठंडक के साथ चिंता की लहर भी फैलने लगी है। हमारे लिए यह मौसम गर्म कपड़ों, हीटर और सूप के प्यालों का है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यही सर्दी हर दिन एक परीक्षा बन जाती है। खुले आसमान के नीचे, टूटी झोपड़ियों में, या सड़कों के किनारे सिकुड़कर रात काटते अनगिनत लोग हर सांस के साथ ठंड से जंग लड़ते हैं।
उनके लिए हर रात एक सवाल बनकर आती है,
“क्या अगली सुबह सूरज की गर्मी महसूस कर पाऊँगा?”
उन बच्चों के लिए, जिनके नन्हें हाथों में किताबें होनी चाहिए, वहाँ कंपकपाते हाथों में सिर्फ उम्मीद बची है।सर्द हवाएँ उनके सपनों को जमा देती हैं, और एक साधारण स्वेटर, जूतों और मोजों का अभाव उनके जीवन की एक नई चुनौती बन जाता है।
इस सर्दी, जब हम अपने घरों में सुकून से बैठें, तो याद रखें, हमारे आस पास किसी को गर्माहट की जरूरत है। एक स्वेटर, एक कंबल, या बस एक करुणा भरा कदम किसी की ठिठुरती ज़िंदगी में सुकून बन सकता है।
सुकून भरी सर्दी सेवा प्रकल्प के माध्यम से संस्थान उन बच्चों और परिवारों तक पहुँच रहा है, जिनके पास ना ऊनी कपड़े हैं, न कंबल है, ना गर्म जूते, ना ही ठंड से बचने की कोई ढाल। हमारे द्वारा वितरित की जाने वाली वस्तुएं, जिनमें कंबल, स्वेटर, टोपी, मोज़े, और जूते शामिल हैं, दीन-हीन, असहाय, निर्धन, जरूरतमंद लोगों के जीवन में फिर से मुस्कुराने की एक वजह होंगे।
हर वर्ष हमने महसूस किया है कि एक गर्म कपड़ा किसी के लिए सिर्फ वस्त्र नहीं, बल्कि सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक है। जब कोई बच्चा कड़कड़ाती ठंड वाली रात में ये कपड़े पहनता है, तो यह सेवा हमारे प्रयास का सबसे बड़ा फल बन जाती है।
इस सर्दी, आइए हम सब मिलकर किसी ठिठुरते हुए जीवन में गर्माहट की एक लौ जलाएँ। आपका एक छोटा- सा योगदान किसी को हाड़ कंपा देने वाली सर्दी से बचा सकता है और उसके लिए सुकून, सुरक्षा और नई उम्मीद बन सकता है।
इस कड़कड़ाती सर्दी में जब हर सांस ठिठुरन से जूझ रही है, नारायण सेवा संस्थान ने संकल्प लिया है — 50,000 स्वेटर और 50,000 कंबल उन ज़रूरतमंदों तक पहुँचाने का, जिनके पास ठंड से बचने का कोई सहारा नहीं है।
5000
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मानवता के इन खूबसूरत पलों की
सर्द हवाओं के इस मौसम में, जब कई लोग ठंड से जूझ रहे हैं, नारायण सेवा संस्थान अपनी “विंटर सेवा” पहल के माध्यम से उम्मीद और गरमाहट बाँटने के मिशन पर है।
आइए, इस सर्दी हम सब मिलकर मानवता का असली अर्थ फिर से जीएँ
जहाँ हर दिल में स्नेह हो, हर हाथ मदद के लिए बढ़े,
और हर जीवन में लौट आए सुकून और सम्मान की गरमाहट।