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दीपावली का पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश और निराशा पर आशा की विजय का प्रतीक है। यह उत्सव सुख, समृद्धि, उल्लास और नई शुरुआत का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस शुभ अवसर पर किया गया दान और सेवा न केवल दूसरों के जीवन में खुशियां लाता है, बल्कि साधक के जीवन में भी शुभता और समृद्धि का संचार करता है।
दीपावली का पर्व भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति में मनाया जाता है। इस दिन घर-घर दीप जलाकर खुशियां मनाई जाती हैं, लेकिन समाज का एक वर्ग ऐसा भी है जो संसाधनों के अभाव में इस उत्सव की खुशियों से वंचित रह जाता है। ऐसे में उनकी दीपावली भी प्रकाश और उल्लास से भरना ही सच्ची दिवाली है।
महापर्व का महत्व दीपावली दीप जलाने के साथ ही दिलों में आशा और खुशियां जगाने का पर्व है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। साथ ही यह पर्व सेवा, दान और परोपकार के माध्यम से दूसरों के जीवन में उजाला लाने का भी दिव्य अवसर प्रदान करता है।
दान-पुण्य का दिव्य फल धर्मग्रंथों में वर्णित है कि दीपावली के अवसर पर जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, मिठाई और उपयोगी सामग्री का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से गरीब और असहाय परिवारों के साथ इस पर्व की खुशियां बांटना कई गुना पुण्य फल देने वाला होता है।
“तमसो मा ज्योतिर्गमय” अर्थात अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो।
मान्यता है कि इस दिन किया गया दान जीवन में सुख, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
आपके दान से पहुंचेगा गिफ्ट बॉक्स आपके सहयोग से दीन-हीन, असहाय और निर्धन परिवारों को दिवाली के शुभ अवसर पर विशेष गिफ्ट बॉक्स वितरित किए जाएंगे। इस गिफ्ट बॉक्स में मिठाई, दीये, आतिशबाजी का सामान और नए कपड़े शामिल होंगे, जिससे उनका घर भी दीपों की रोशनी और खुशियों से जगमगा उठे, जिनके पास ये सब कुछ नहीं है।
यह उपहार बॉक्स किसी जरुरतमन्द परिवार के जीवन में खुशियां, सम्मान और उत्सव का अनुभव देने का पावन प्रयास है।
इस दिवाली, नारायण सेवा संस्थान द्वारा “हर घर खुशियों की दिवाली” सेवा प्रकल्प के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक खुशियों का प्रकाश पहुंचाया जा रहा है। आप भी इस पुण्यदायी अभियान का हिस्सा बनें और अपने सहयोग से किसी जरुरतमंद की दिवाली रोशन करें।
इस दीपावली पर एक दीप किसी और के घर भी जलाएं और सच्चे अर्थों में “हर घर खुशियों की दिवाली” मनाएं।
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