कोरोना का बढ़ता असर: कैसे ओमीक्रोन पड़ रहा देश पर भारी
कोरोना का बढ़ता असर: कैसे ओमीक्रोन पड़ रहा देश पर भारी
  19 Jan'2022

कोरोना की तीसरी लहर :-

देश में कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। प्रतिदिन लाखों में संक्रमित मिलने लगे हैं। आखिर यह लहर कब रुकेगी?

यह लहर कितनी खतरनाक है? कितनी तबाही मचाएगी? क्या रखे सावधानी? कैसे रखें स्वयं और अपने परिवार को महफ़ूज़? ये सवाल हम सबके जहन में बार-बार आते होंगे। इसका जवाब देने में यह लेख मददगार सिद्ध होगा।

फ़रवरी में आएगा तीसरी लहर का पीक :-

देश के जाने माने चिकित्सा विशेषज्ञों और कोरोना महामारी सलाहकारों की माने तो अभी के शुरुआती 10-15 दिनों में कोरोना की शुरुआत सी है। यह संक्रमण आगे और बढ़ेगा। फ़रवरी के प्रथम सप्ताह तक कोरोना की तीसरी लहर का पीक आएगा जो 15 फ़रवरी तक पुरे चरम पर होगा। इसके बाद संक्रमण धीरे-धीरे घटने लगेगा। पीक समय में कोरोना संक्रमितों की संख्या 8 लाख प्रतिदिन रहने का अनुमान है। 

मार्च और मध्य अप्रैल में होगी तीसरी लहर ख़त्म:-

प्रो.  मनिन्द्र अग्रवाल ने अपने दावे में कहा है की मार्च में तीसरी लहर ख़त्म हो जाएगी। उन्होंने संक्रमण की रफ़्तार पर कहा तीसरी लहर जितनी तेजी से फैली है उतनी ही तेजी से उतार में आएगी। जिन शहरों में अभी केस कम है वहां बढ़ेंगे और फिर घटेंगे। 

तीसरी लहर में वायरस ने बदला स्वरुप:-

भारत में covid-19 का नया वैरिएंट सामने आया है जिसका नाम ओमीक्रॉन है। जिसे वायरस सार्स-कोव-2 कहते हैं। यह बहुत ही अड़ियल और रंग बदलने वाला है। यह कितना घातक है इसका अंदाज़ा अभी लगाना कठिन है। इसलिए हमें हमारे पूर्वजों की रीति को अपनाते हुए .... "रोग से दुरी भली" की नीति का अनुसरण करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

हमें ज्ञात रखना चाहिए की ओमीक्रॉन, डेल्टा की अपेक्षा 3 से 4 गुना तेजी से प्रसारित हो रहा है।  इसलिए कडाई से सावधानी रखनी है .....ढिलाई बिलकुल नहीं दिखानी है।  

 

ओमीक्रॉन के चलते हमारे प्रयास क्या हो :-

1.अगर आपने टीका नहीं लगाया है तो अवश्य लगाएं। कोवैक्सीन और कोविशिल्ड नामक टीका ओमीक्रॉन में कारगर है।

2.कोविड अनुकूलित व्यवहार करें। मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेन्सिंग का पालन करें।

3.अगर आपने दो टीके लगवा दिए हैं तो 39 सप्ताह बाद बूस्टर डोज़ अवश्य लगाएं।

हमें यह भी याद रखना है -

4.कोविड टीके गंभीर बीमारी से बचाते हैं पर संक्रमण से नहीं। इसलिए मास्क अवश्य लगाएं। 

5.ओमीक्रॉन में 10 में से 8 जन में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं।

6.अगर आपको थकान, खांसी, जुकाम, बुखार, पसीना आना, खुजली होना जैसे लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर्स से संपर्क कर अपने आप आइसोलेट करें।

7."बचाव इलाज से बेहतर है।" अतः किसी भी परिस्थिति में बचाव में कोई कोताही नहीं बरतें।

8.खान-पान में भी विशेष ध्यान देने की भी आवश्यकता है। व्यायाम और नींद पूरी लें।

9.तनाव मुक्त रहने के लिए अच्छा साहित्य पढ़ें और ध्यान करें दूसरों की मदद करें।

ओमीक्रॉन की अनदेखी कतई नहीं करें।

सर्दी का मौसम है ..... और देश के कई हिस्सों में शीत लहर का प्रकोप भी जारी है ...... ऐसे में ओमीक्रॉन की एन्ट्री चिंता बढ़ाने वाली है पर घबराएं नहीं, अनदेखी करने की बजाय सजग रहें।

1.हेल्थी भोजन लें।

2.हल्का गुनगुना पानी पीते रहें।

3.तुलसी एवं गिलोय रस का सेवन करें।

4.हल्दी डालकर दूध का सेवन नित्य करें।

5.अनावश्यक किसी भी तरह से चीजों और मुँह-नाक को नहीं छुएं।

6.दिन में बार-बार गुनगुना पानी पीते रहें।

7.बुखार महसूस होने पर पेरासीटामॉल का सेवन कर सकते हैं पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। 

8.बुखार नापते रहें, ऑक्सीजन लेवल भी चैक करते रहें।

ओमीक्रॉन के विरुद्ध हमारी जंग अभी शुरू हुई है इसे जीतना है इसके लिए बाहर निकलने पर सिर को पूर्ण ढके और सेनेटाईज़र का प्रयोग करें। भीड़ भाड़ के इलाकों से दूरी बनाएं। वर्क पैलेस पर सामूहिक भोजन से भी दुरी रखें।

हमारी पहली जिम्मेदारी है खुद स्वस्थ रहें और दूसरों को भी सतर्क रखें। इसके लिए सरकार की गाइडलाइन का पालन करना भी जरुरी है।

अंत में अन्य सभी से अपील है कि यह कठिन दौर चल रहा है ...... ऐसे में कोई मदद चाहने वाला मास्क, भोजन, कोरोना दवाई के लिए आपसे गुजारिश करता है तो मानवीयता का धर्म निभाने में अपना अंश दान अवश्य देना।

जय मानव सेवा।

0 Comment

Sort by