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Black Pepper – King of Spices
  16 Mar'2018

काली मिर्च : इसलिए कहते हैं किंग ऑफ स्पाइस

क्या आप जानते हैं कि मसालों का राजा किसे कहा जाता है । यदी नहीं तो जानिए ये है काली मिर्च। इसे किंग ऑफ स्पाइस कहते हैं........

1. काली मिर्च में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, कैरोटिन, थाईमन, और राइबोफ्लैविन जैसे पोष्टिक तत्व होते हैं। इसमें एक विशेष तरह का रेज़ीन होता है, जिसकी मौजूदगी में किसी भी दवाई का असर बढ़ जाता है तथा दवाई कम मात्रा में भी तेज असर करती है।

2. अपच, कब्ज और एसिडिटी में काली मिर्च उपयोगी है। काली मिर्च टेस्ट बड्स से पेट को संकेत भेजती है और हाइड्रोक्लारिक एसिड का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करती है। इसी अम्ल के निर्माण से पाचन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं। इसीलिए इसके सेवन से पेट फूलना, अपच, कब्ज, और एसिडिटी दूर हो जाती है।

3. काली मिर्च में फाइटोन्यूट्रीशन होते हैं। इस प्रक्रिया में पसीना ज्यादा आता है व यूरिन भी ज्यादा होता है। इससे स्वतः शरीर की गंदगी बाहर होने लगती है।

4. इससे ब्लड प्रेशर भी काबू में आ जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ गया हो तो छोटी चम्म्च काली मिर्च के पाउडर को आधा गिलास पानी में मिलाकर पीएं। आपका बीपी कंट्रोल होने लगेगा।

5. काली मिर्च मसूढ़ों की कमजोरी दूर करने के लिए अनमोल रतन मानी जाती है। काली मिर्च, माजुफल, सेंधा नमक तीनों को बराबर मात्रा में बारीक पीसकर चूर्ण बना लीजिए और हथेली पर रख के तीन बूंद सरसों के तेल में मिला कर मसूढ़ों पर मलने पर मसूढ़ों की समस्या दूर हो जाएगी।

6. काली मिर्च को दिमाग की थकावट दूर करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शरीर में सेरोटिनिन हॉर्मोन बनता है, जो डिप्रेशन दूर करता है।

7. पेपेराईन, एक खास रसायन है जो काली मिर्च में खूब पाया जाता है। यह कमाल का फैट बर्नर है। अक्सर महिलाओं में थायरॉक्सिन लेवल कम होने से तेजी से वजन बढ़ता है। पेपेराईन इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है। जिन्हें हाईपोथायरॉयड की समस्या है, सिर्फ 7 काली मिर्च 15 दिनों तक रोज सुबह एक बार, एक साथ खा लें, 15 दिन के भीतर ही असर दिखाई देने लगेगा।

8. गला बैठने में काली मिर्च का सेवन लाभकारी होता है और मुंह के छाले भी ठीक हो जाते हैं।

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