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Practice Yoga for a Healthier Life
  14 Apr'2018

दिनचर्या में शामिल करें योगासन रहें रोगमुक्त
बदलती लाइफस्टाइल और ब्ढ़ते प्रदूषण ने हमारे जिंदगी में तमाम तरह के बदलाव किए है।  इनमें सबसे ज्यादा कुछ बदला है तो अनइ्रतरहकी बीमारियों ने अपनी  जड़े जमा ली है। संक्रामक बीमारियां हमारे शरीर पर अटैक करें, इससे पहले हमें खुद की रक्षा के लिए जरुरी कदम उठा लेने चाहिए, जिससे शरीर रोगमुक्त रहे।
सूर्यनमस्कार
योगासन में सबसे  असरकारी और लाभदायक सूर्यनमस्कार है। इसमें सभी आसनों का सार छुपा हुआ है। सूर्यनमस्कार का अभ्यास 12 स्थितियों में होता है। इसके आसनो को बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। सूर्य मुद्रा हमारे शरीर के अग्नि ततवों को संचालित करती है। सूर्य की उंगली का संबंध यूरेनस ग्रह से है। सूर्य नमस्कार करने से आंखोे की रोशनी बढ़ती है, खून का प्रवाह तेज होता है, ब्लड प्रेशर में आरामदायक होता है और वजन कम होता है। सूर्य नमस्कार काने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है। इसे करनेसे आनेवाले साल में हर दिन स्वस्थ जीवन जी सकेंगे। खुद को रोगों से लड़ने के लिए तैयार करना होगा। इन योगासनों की खुबियां यह है कि इसे करने से आप कई तरह की बीमारियों से बच सकते है।  
कपालभाति
शरीर में ऊर्जा क संचार करने  और तनाव दूर करने के लिए कपालभाति प्रणायाम करें। इससे पूरे शरीर को सही तरह से ऑक्सीजन मिलता है, इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके नियमित अभ्यास से नसों में भी ऑक्सीजन आसानी से पहुंच जाता है। यह शरीर को विषाक्त पदार्थांे से मुक्त करता है। ब्लड प्रेशर के मरीजों को इसे करने के लिए सुखासन, सिद्धासन ,पùासन यरा किसी भी आसन में बैठ जाए कमर सीधी रखें और दोनों हाथों को घुटनों पर रखें और नजर को सीधा रखें। सांस लेतेवक्त नाभि को अन्दर की तरफ ले जाएं और सांस बाहर करते वक्त नाभि बाहर हो सांस बाहर आराम से करें। ,
अनुलोम - विलोम  
अनुलोम - विलोम  प्रणायाम को नाड़ी शोधन के नाम से भी जाना जाता है। इस आसन को करने के लिए उम्र का कोई  बंधन नहीं है, हर उम्र के व्यक्ति इसका लाभ उठा सकते है। इसे नियमित रुप से करने पर शरीर की सारी नाड़ियां शुद्ध व निरोग रहती हैं। इसके अलावा इस आसन  का करने से सर्दी , जुखाम व दमा मेें भी काफि राहत मिलती है। अनुलोम - विलोम  प्रणायाम करते वक्त तीन क्रियाएं की जाती है।पूरक, कुम्भक और रेचक। इसको नियमित रुप से 10 मिनट तक करने पर भी  स्वास्थ को कई लाभ मिलते है। इस योग को भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं, जिससें आने वाला साल सुखद और रोगमुक्त रहे।

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