आपको एनजीओ के माध्यम से दान क्यों करना चाहिए?
आपको एनजीओ के माध्यम से दान क्यों करना चाहिए?
  26 Feb'2022

एक एनजीओ जनकल्याण करने के दृष्टिकोण से कार्य करता है | यह दानवीरों से लिया हुआ धन निर्धन और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का काम करता है | एक आम आदमी पुरे दिन अपने नौकरी अथवा अन्य कार्यों में व्यस्त रह सकता है इसलिए ऐसा संभव है कि हर नौकरीपेशा व्यक्ति उस उचित व्यक्ति की तलाश नहीं कर सकता जो वास्तव में निर्धन है अथवा जिन्हें जनसहयोग की अत्यधिक आवश्यकता है | एक एनजीओ जनकल्याण के लिए ही समर्पित होता है | इसलिए अगर आप एक एनजीओ को दान करते है तो इसका अधिकतम हिस्सा जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँच जाता है | 

एक एनजीओ को पता होता है कि किसी क्षेत्र विशेष में कौन जरूरतमंद है जिन्हें मानवीय सहायता की अत्यधिक आवश्यकता होती है | इसलिए अगर समय की कमी है तो एनजीओ के माध्यम से दान देना एक बेहतरीन विकल्प है |

एक एनजीओ अपनी क्षमतानुसार अनेक क्षेत्रों में योगदान करता है |

आप के लिए नारायण सेवा संस्थान- एक विकल्प

नारायण सेवा संस्थान का विधिवत पंजीयन 23 अक्टूबर 1985 को हुआ | नारायण सेवा संस्थान भारत के सम्मानित एनजीओ में से एक है जिसकी भारत में 480 व विदेशों में 49 शाखाएँ है | यह संस्थान दिव्यांगों और निर्धन लोगों की सहायता हेतु अनेक तरह से कार्य कर रहा है | संस्थान द्वारा दी जानी वाली सबसे महत्वपूर्ण सेवा है निःशुल्क ऑपरेशन | अब तक संस्थान 4,00,000 से अधिक दिव्यांगों का निःशुल्क ऑपरेशन कर चुका है |वर्तमान में संस्थान 12 हॉस्पिटल संचालित कर रहा है जिनमें 20 चिकित्सक सेवाएं दे रहे है | संस्थान प्रतिदिन 80-100 पोलियो पीड़ितों का ऑपरेशन कर रहा है |

संस्थान द्वारा दी जाने वाली दूसरी महत्वपूर्ण सेवा है निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण | कृत्रिम अंग से किसी व्यक्ति का जीवन पुरी तरह से बदल सकता है | जो लोग दोनों हाथों और दोनों पैरों की सहायता से जमीन पर मुश्किल से चल पाते थे अथवा जो पुरी तरह से चलने में असमर्थ थे, संस्थान ने उन्हें निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान किये और कर रहा है | संस्थान अब तक 18862 निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण कर चुका है | इतना ही नहीं, संस्थान निर्धन और दिव्यांग लोगों को निःशुल्क रोज़गार प्रशिक्षण दे रहा है | अब तक हज़ारों लोगों को कम्प्यूटर प्रशिक्षण दे चुका है, हज़ारों लोगों को सिलाई करने का ज्ञान दे चुका है, हज़ारों लोगों को मोबाइल रिपेरिंग करना सीखा चुका है और वर्तमान में भीं जरूरतमंदों को रोज़गार प्रशिक्षण जारी है |

संस्थान हर वर्ष निर्धन और दिव्यांग लोगों का भव्य सामूहिक विवाह आयोजित करवाता है | विवाह के योग्य जोड़ों को कोई धन नहीं देना पड़ता है | संस्थान अब तक 2130 जोड़ों की शादी करवा चुका है | संस्थान दिव्यांगों को प्रोत्साहित करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए टैलेंट शो आयोजित करता है | दिव्यांग लोग इस कार्यक्रम में अपनी प्रतिभा दिखाते है | संस्थान जरूरतमंदों को निःशुल्क मासिक राशन वितरण करता है | यह राशन गाँव-गाँव जाकर निर्धनों में बाँटा जाता है | जरूरतमंदों को कम्बल, स्वेटर, कपडे, भोजन के पैकेट इत्यादि निःशुल्क रूप से दिए जाते है |

संस्थान दिव्यांगों को निशुल्क व्हीलचेयर्स, बैसाखी व ट्राईसाइकिलें वितरित करता है एवं श्रवणबाधितों को निशुल्क श्रवण यंत्र प्रदान करता है | दिव्यांगता का दंश झेल रहे पीड़ितों को निशुल्क कैलिपर्स देता है | संस्थान अब तक 2,75,503 व्हीलचेयर्स, 2,98,789 बैसाखी, 2,64,822 ट्राईसाइकिलें, 55029 श्रवणयंत्र, 3,63,797 कैलिपर्स निशुल्क वितरित कर चुका है | नशे की लत से पीड़ित व्यक्तियों की मदद करने के लिए संस्थान उन्हें जागरूक कर नशामुक्ति संकल्प दिलाता है व अब तक 37,749 लोगों को नशामुक्ति संकल्प दिला चुका है | संस्थान गरीब और बेसहारा लोगों की सहायता हेतु नारायण रोटी योजना संचालित कर रहा है और इस योजना के तहत 12,70,400 भोजन पैकेट जरूरतमंदों में निःशुल्क बाँट चुका है | इसके अलावा संस्थान जरूरतमंदों का राशन कार्ड बनाकर उन्हें निशुल्क अन्न वितरण का कार्य करता है व अब तक 1,64,02872 किलोग्राम अन्न वितरित कर चुका है |संस्थान में आये हुए रोगियों को निशुल्क भोजन करवाया जाता है व अब तक 3,92,44000 भोजन थालियाँ रोगियों में वितरित कर चुका है | साथ ही संस्थान अब तक 2,70,97,320 वस्त्र व 1,70,500 स्कूल पोशाकों का निशुल्क वितरण कर चुका है | संस्थान की टीम गाँव-गाँव जाकर जरूरतमंदों में स्वेटर और कम्बल निशुल्क वितरित करती है | अब तक संस्थान 1,55,500 स्वेटर और 1,92,000 कम्बल वितरित कर चुका है | इसके अलावा संस्थान अब तक आवश्यक क्षेत्रों में 54 पानी के हैंडपंप लगवा चुका है | संस्थान के आवासीय विद्यालय से 409 बच्चे, संस्थान द्वारा संचालित नारायण चिल्ड्रन अकादमी से 856 और संस्थान द्वारा संचालित भगवान महावीर निराश्रित बालगृह से 3171 बच्चे लाभान्वित हो चुके है |

कोरोना काल में संस्थान ने जनकल्याण के लिए कोरोना रिलीफ सेवा शुरू कर जरूरतमंदों में 2,18,950 भोजन पैकेट्स, 33025 राशन किट, 92,894 मास्क वितरण, 3013 कोरोना दवाई किट निःशुल्क प्रदान किये है | संस्थान द्वारा दी जाने वाली सेवाएं 24☓7 उपलब्ध हैं | यह सब संभव हो पाया है जनसेवा की भावना और दानदाताओं के सहयोग से |

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