‘कोई न दुखिया रहे - सब सुखी संसार हो' की परम पुनीत भावना से ओत-प्रोत नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल ने उदयपुर जिले के जनजाति क्षेत्रों में बसे निर्धन-दलित-आदिवासियों के दुःख-दर्द मिटाने की मकर सक्रांति से एक मुहिम शुरू की है। जिसके तहत अतिदुर्गम-सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में अन्नदान-वस्त्रदान, शिक्षा एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अतिपिछड़े टीएसपी क्षेत्र की पंचायत समिति कोटड़ा, झाड़ोल, गिर्वा, सलुम्बर, खेरवाड़ा, नयागांव, सराड़ा, लसाड़िया, सेमारी एवं झल्लारा की ग्राम पंचायतों व गावों में संस्थान आदिवासी मजदूर परिवारों की बीमार, दिव्यांग औरतों, बच्चों और वृद्धों को विभिन्न तरह की मदद सामग्री देकर जीवन स्तर ऊपर उठा रहा है।

अब तक 1550 निर्धन-जरूरतमंद आदिवासी

बच्चों और लोगों को सहायता मिली है।

610 कम्बल, 450 जोड़ी चप्पल, 520 जोड़ी मौजे, 270 मफलर, बच्चों को
725 स्वेटर एवं 3000 पैकेट पौष्टिक बिस्किट, 20 विधवाओं को राशन
सामग्री, 2 को सिलाई मशीन, 5 दिव्यांगों को वाॅकर, 4 वृद्धों को स्टीक
बांटी गई है।

संस्थान विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ. अक्षय गोयल के अनुसार 400 से अधिक आदिवासियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। इनमें मौसमी बीमारी, ऐनिमिया, कुपोषण, दाद-खुजली व एलर्जी के लक्षण आम हैं। संस्थान शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सुधार करते हुए निःशुल्क दवाइयाँ भी दे रहा है।

कृपया संस्थान के ऐसे समाजोत्थान सेवा प्रकल्प में मददगार बनें तथा बीमार आदिवासियों के बच्चों और माताओं का जीवन बचा कर पुण्य पाएं।